Republic Day 2026 : कर्तव्य पथ पर दुनिया देखेगी नए भारत का दम ,भीष्म और ब्रह्मोस मचाएंगे धमाल
News India Live, Digital Desk : 26 जनवरी... यह सिर्फ़ कैलेंडर की एक तारीख नहीं है, बल्कि हम भारतीयों के लिए एक जज़्बा है। हर साल की तरह इस बार भी जब दिल्ली के कर्तव्य पथ (पुराना राजपथ) पर तिरंगा फहराएगा, तो सीना गर्व से चौड़ा हो जाएगा। लेकिन दोस्तों, इस बार की परेड में कुछ चीजें ऐसी होने वाली हैं, जो आपको यह अहसास दिलाएंगी कि भारत अब रक्षा के मामले में किसी पर निर्भर नहीं है, बल्कि एक महाशक्ति है।
अगर आप इस बार परेड देखने का प्लान बना रहे हैं या टीवी पर लाइव देखने वाले हैं, तो दिल थाम कर बैठिएगा। भारतीय सेना इस बार अपने उस जखीरे को प्रदर्शित करने जा रही है, जिससे दुश्मन की रूह कांप जाती है।
'मेड इन इंडिया' का बोलबाला
इस बार की परेड की सबसे बड़ी हाईलाइट है—'आत्मनिर्भरता'। जी हाँ, पहले हम दूसरों के हथियारों पर भरोसा करते थे, लेकिन अब हम दुनिया को अपने हथियार दिखा रहे हैं। इस परेड में 100% स्वदेशी उपकरणों का जलवा देखने को मिलेगा।
जमीन थर्राने वाले 'टैंक'
परेड में सबसे पहले सबका ध्यान खींचता है T-90 भीष्म टैंक (Bhishma Tank)। इसका नाम ही महाभारत के पितामह भीष्म पर रखा गया है, जो अजेय थे। यह टैंक जब चलता है, तो धरती भी अपनी ताकत महसूस करती है। इसके साथ ही आपको दिखेगा नाग मिसाइल सिस्टम (NAMICA), जिसे 'टैंकों का काल' कहा जाता है। यह दुश्मन के टैंक को पल भर में राख के ढेर में बदल सकता है।
और हाँ, 'K-9 वज्र' को मत भूलिएगा। यह तोप भारत की सेना की रीढ़ बनती जा रही है। इसकी गरज और फायरपावर ऐसी है कि सीमा पर खड़े दुश्मनों के पसीने छूट जाते हैं।
आसमान में भारत का 'कवच'
जमीन ही नहीं, आसमान में भी भारत की पकड़ लोहे जैसी मजबूत है। इस बार परेड में आकाश मिसाइल सिस्टम (Akash Missile) और ब्रह्मोस (BrahMos) की झलक देखने को मिलेगी। ब्रह्मोस के बारे में तो पूरी दुनिया जानती है—यह दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है। इसका निशाना इतना अचूक है कि दुश्मन चाहे कहीं भी छिपा हो, यह उसे ढूंढ निकालती है।
हवा में गूंजेगी 'रुद्र' और 'प्रचंड' की दहाड़
सिर्फ मिसाइलें ही नहीं, परेड के फ्लाईपास्ट में 'रुद्र' और 'प्रचंड' (LCH Prachand) हेलिकॉप्टर्स भी अपना करतब दिखाएंगे। 'प्रचंड' वह अटैक हेलिकॉप्टर है, जिसे खास तौर पर पहाड़ी इलाकों (जैसे सियाचिन और लेह) में लड़ने के लिए बनाया गया है। यह इतनी ऊंचाई पर जाकर लड़ सकता है, जहां दुनिया के अच्छे-अच्छे हेलिकॉप्टर्स की सांस फूल जाती है। साथ ही एएलएच ध्रुव (ALH Dhruv) भी हवा में फॉर्मेशन बनाते हुए दिखेंगे।
नारी शक्ति का परचम
इस बार की परेड की एक और सबसे खूबसूरत बात यह होगी कि इसमें हमारी महिला सैनिक (Nari Shakti) कंधे से कंधा मिलाकर चलेंगी। तीनों सेनाओं—जल, थल और वायु—की महिला टुकड़ियां जब कर्तव्य पथ पर मार्च करेंगी, तो वह नजारा हर भारतीय बेटी के लिए प्रेरणा होगा।
एक नया एहसास
तो इस बार की सुबह को मिस मत करिएगा। जब कोहरे के बीच से ये फौलादी मशीनें निकलेंगी और साथ में बैंड की धुन गूंजेगी, तो वह 'गुसबम्प्स' (Goosebumps) वाला पल होगा। यह सिर्फ हथियारों का प्रदर्शन नहीं है, यह संदेश है कि हम शांत जरूर हैं, लेकिन कमजोर नहीं।