Chhattisgarh Election 2026 : क्या है भाजपा और कांग्रेस का प्लान? जानें भविष्य के चुनावी समीकरण
News India Live, Digital Desk: छत्तीसगढ़ में सत्ता और विपक्ष दोनों ने अपनी कमर कस ली है। 2026 में प्रदेश की भिलाई, रिसाली, बीरगांव और भिलाई-चरोदा जैसी महत्वपूर्ण नगर निगमों में चुनाव होने हैं। इन चुनावों को 2028 के विधानसभा चुनाव का "सेमीफाइनल" माना जा रहा है।
1. भाजपा की रणनीति: 'मोदी की गारंटी' और संगठन विस्तार
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में भाजपा अपनी सत्ता को जमीनी स्तर तक मजबूत करने में जुटी है:
नगरीय निकाय चुनाव पर फोकस: भाजपा उन नगर निगमों को कांग्रेस से छीनने की कोशिश में है जहाँ फिलहाल कांग्रेस का कब्जा है।
बजट 2026-27: राज्य सरकार ने हाल ही में बजट में ग्रामीण और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए भारी आवंटन किया है, ताकि एंटी-इंकंबेंसी (Ant-incumbency) को कम किया जा सके।
राज्यसभा समीकरण: मार्च 2026 में छत्तीसगढ़ की राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होने हैं। विधानसभा में बहुमत (54 सीटें) होने के कारण भाजपा की स्थिति यहाँ मजबूत है।
2. कांग्रेस की रणनीति: वापसी की छटपटाहट और एकजुटता
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पीसीसी अध्यक्ष के नेतृत्व में कांग्रेस अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने के लिए संघर्ष कर रही है:
गुटबाजी से निपटना: कांग्रेस के लिए सबसे बड़ी चुनौती आंतरिक कलह और गुटबाजी है। हाल ही में टी.एस. सिंहदेव जैसे दिग्गज नेताओं की सक्रियता पुडुचेरी जैसे अन्य राज्यों में बढ़ी है, लेकिन छत्तीसगढ़ में संगठन को एकजुट करने पर जोर दिया जा रहा है।
मुद्दों की राजनीति: कांग्रेस 'धान का बोनस', 'बेरोजगारी' और 'कानून व्यवस्था' जैसे मुद्दों पर साय सरकार को घेरने की योजना बना रही है।
निकाय चुनाव: कांग्रेस के लिए अपनी मौजूदा नगर निगम सीटों को बचाना साख की लड़ाई बन गया है।
प्रमुख चुनावी समीकरण (2026-2028)
| चुनाव का प्रकार | संभावित तिथि | मुख्य मुकाबला | वर्तमान स्थिति |
|---|---|---|---|
| राज्यसभा चुनाव | 16 मार्च 2026 | भाजपा vs कांग्रेस | भाजपा का पलड़ा भारी |
| नगरीय निकाय चुनाव | मध्य 2026 | निगमों पर कब्जा | कई बड़े निगमों में कांग्रेस सत्ता में है |
| विधानसभा चुनाव | नवंबर 2028 | प्रदेश की सत्ता | भाजपा (54 सीटें), कांग्रेस (35 सीटें) |
3. 'तीसरी शक्ति' का प्रभाव
छत्तीसगढ़ में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (GGP) और जोगी कांग्रेस (JCCJ) जैसी क्षेत्रीय पार्टियां भी 2026 के स्थानीय चुनावों में निर्णायक भूमिका निभा सकती हैं। विशेषकर आदिवासी क्षेत्रों में GGP का बढ़ता जनाधार भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए चिंता का विषय है।
4. मतदाता सूची पुनरीक्षण (Update 2026)
छत्तीसगढ़ निर्वाचन आयोग ने 21 फरवरी 2026 को ही अंतिम प्रकाशित नामावली जारी की है। नए मतदाताओं (विशेषकर युवाओं) को जोड़ना दोनों पार्टियों की प्राथमिकता है क्योंकि 2028 तक मतदाताओं की एक नई पीढ़ी तैयार होगी जो चुनाव परिणाम बदल सकती है।