अन्नू कपूर का बड़ा बयान जब दुनिया में ईसाई और मुस्लिम राष्ट्र हो सकते हैं, तो हिंदू राष्ट्र पर आपत्ति क्यों?
News India Live, Digital Desk : अपनी मुखर शैली के लिए जाने जाने वाले अभिनेता अन्नू कपूर ने एक बार फिर राष्ट्रीय अस्मिता और धार्मिक पहचान पर अपनी राय रखी है। उन्होंने न केवल 'वंदे मातरम' पर सरकार के नए रुख का समर्थन किया, बल्कि 'हिंदू राष्ट्र' की अवधारणा पर भी अपनी तार्किक राय साझा की।
1. वंदे मातरम पर क्या कहा?
अन्नू कपूर ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के 'वंदे मातरम' से संबंधित निर्देश को "अद्भुत और शानदार निर्णय" बताया।
32 साल का सफर: उन्होंने कहा, "मैं पिछले 32 सालों से वंदे मातरम का उद्घोष कर रहा हूँ। यह बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की वह अमर रचना है, जो राष्ट्र की आत्मा का प्रतीक है।"
वैश्विक प्रभाव: उन्होंने दावा किया कि अमेरिका (न्यू जर्सी, न्यूयॉर्क, एलए) में भी जो लोग 'वंदे मातरम' कहते हैं, उनमें से कई को यह प्रेरणा उन्हीं से मिली है।
2. हिंदू राष्ट्र की बहस (Hindu Rashtra Debate)
अन्नू कपूर ने हिंदू राष्ट्र की अवधारणा पर उठने वाले सवालों को लेकर कड़ा रुख अपनाया:
तुलनात्मक तर्क: उन्होंने सवाल किया कि जब दुनिया में 130 से अधिक ईसाई राष्ट्र, 56 इस्लामिक राष्ट्र और कई बौद्ध राष्ट्र हो सकते हैं, तो भारत में 'हिंदू राष्ट्र' की चर्चा को असामान्य या विवादास्पद क्यों माना जाता है?
सनातन परंपरा: उनके अनुसार, भारत की जड़ें सनातन परंपरा में हैं और हिंदू जब प्रार्थना करता है, तो वह केवल अपने लिए नहीं, बल्कि पूरे विश्व के कल्याण (वसुधैव कुटुंबकम) की बात करता है।
3. 'एकता' पर जोर: राजनीति और धर्म
अन्नू कपूर ने हिंदुओं के बीच बढ़ती गुटबाजी और जातिवाद पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा:
एकजुटता की अपील: "हिंदुओं के लिए एकजुट रहना बहुत जरूरी है। जब हम धर्म, जाति और संप्रदाय को भूलकर एक होंगे, तभी बाहरी चुनौतियों का सामना कर पाएंगे।"
विभाजन की राजनीति: उन्होंने भारत में हिंदू-मुस्लिम के बीच बढ़ते विभाजन को पूरी तरह "राजनीति प्रेरित" बताया।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया (Social Media Row)
उनके इस बयान के बाद इंटरनेट पर दो धड़े बन गए हैं:
समर्थन: कई यूजर्स ने उनके बयानों को 'साहसी' और 'तार्किक' बताया है, विशेषकर वंदे मातरम की ऐतिहासिक महत्ता पर उनके ज्ञान की सराहना की जा रही है।
विरोध: वहीं, कुछ आलोचकों का तर्क है कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष (Secular) राष्ट्र है और हिंदू राष्ट्र की अवधारणा संविधान की मूल संरचना के विपरीत है।