जशपुर में हैवानियत नाबालिग एसटी छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म, पंचायत बैठाकर मामले को दबाने की हुई कोशिश

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News India Live, Digital Desk: छत्तीसगढ़ के आदिवासी बाहुल्य जिले जशपुर में कानून-व्यवस्था को चुनौती देते हुए 8 युवकों ने एक नाबालिग लड़की की गरिमा को तार-तार कर दिया। यह घटना 17 फरवरी 2026 की बताई जा रही है, जो अब पुलिस के संज्ञान में आने के बाद उजागर हुई है।

1. घटना का विवरण (Sequence of Events)

रास्ते में घेराबंदी: पीड़िता अपनी बड़ी बहन के साथ एक रिश्तेदार के घर से अपने गांव लौट रही थी।

आरोपियों का हमला: रास्ते में पिकनिक मनाकर लौट रहे कुछ युवकों ने दोनों बहनों को अकेला पाकर रोक लिया। दो युवकों ने उन्हें जबरन पकड़ लिया। बड़ी बहन किसी तरह आरोपियों के चंगुल से छूटकर भागने में सफल रही और मदद के लिए चिल्लाई, लेकिन तब तक आरोपियों ने छोटी बहन को अगवा कर लिया और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।

2. पंचायत की शर्मनाक भूमिका (Attempt to Suppress)

घटना के बाद न्याय दिलाने के बजाय, गांव के कुछ रसूखदार लोगों ने पंचायत बुलाई और मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की।

धमकी: पीड़िता के परिवार पर दबाव बनाया गया और उन्हें पुलिस के पास न जाने की धमकी दी गई।

जागरूकता: हालांकि, समाज के कुछ जागरूक नागरिकों और युवाओं ने इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई और पुलिस को गुप्त रूप से सूचना दी।

3. पुलिस की कार्रवाई (Police Investigation)

जशपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. लाल उमेद सिंह ने सूचना मिलते ही मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए:

8 हिरासत में: पुलिस ने छापेमारी कर अब तक 8 संदिग्ध युवकों को हिरासत में लिया है और उनसे कड़ी पूछताछ की जा रही है।

POCSO एक्ट: आरोपियों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है।

मेडिकल जांच: पीड़िता का चिकित्सीय परीक्षण कराया गया है और उसे आवश्यक परामर्श व सुरक्षा प्रदान की जा रही है।

4. प्रशासन का कड़ा रुख

पुलिस केवल बलात्कार के आरोपियों की ही नहीं, बल्कि उन लोगों की भी जांच कर रही है जिन्होंने पंचायत बुलाकर इस जघन्य अपराध को छिपाने या रफा-दफा करने की कोशिश की थी। पुलिस का कहना है कि अपराध छिपाना भी एक अपराध है और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।