Ravneet Bittu vs Rahul Gandhi : देशद्रोही' वाले बयान पर मचा कोहराम, अब उदित राज ने बिट्टू को लेकर दिया ये बड़ा बयान
News India Live, Digital Desk: भारतीय राजनीति में जुबानी जंग अक्सर मर्यादाओं की सीमा लांघ जाती है। ताज़ा मामला केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू (Ravneet Singh Bittu) द्वारा राहुल गांधी को 'नंबर एक आतंकवादी' और 'देशद्रोही' कहे जाने का है। इस बयान ने न केवल कांग्रेस को आक्रोशित कर दिया है, बल्कि विपक्षी खेमे के नेताओं ने भी अब बिट्टू पर तीखे हमले शुरू कर दिए हैं। इसी कड़ी में कांग्रेस नेता उदित राज (Udit Raj) ने रवनीत बिट्टू के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए एक बड़ा बयान दिया है।
क्या है पूरा विवाद? बिट्टू के बयान ने क्यों पकड़ी आग?
दरअसल, केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने हाल ही में राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के अमेरिका दौरे के दौरान दिए गए बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया दी थी। बिट्टू ने कहा था कि राहुल गांधी देश को बांटने की कोशिश कर रहे हैं और वे देश के "नंबर एक आतंकवादी" हैं। बिट्टू के इस आपत्तिजनक बयान के बाद देशभर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और कई जगह एफआईआर (FIR) भी दर्ज कराई गई।
उदित राज का पलटवार: 'बिट्टू अपनी पहचान साबित करने की कोशिश कर रहे'
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद उदित राज ने इस विवाद में कूदते हुए रवनीत सिंह बिट्टू पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बिट्टू हाल ही में भाजपा में शामिल हुए हैं और अपनी 'वफादारी' साबित करने के लिए वे इस तरह के निचले स्तर के बयान दे रहे हैं। उदित राज ने आरोप लगाया कि भाजपा उन नेताओं का इस्तेमाल कर रही है जो कांग्रेस छोड़कर वहां गए हैं, ताकि वे राहुल गांधी के खिलाफ जहर उगल सकें।
सिख समुदाय और राहुल गांधी के बयान पर चर्चा
विवाद की जड़ राहुल गांधी द्वारा अमेरिका में सिखों को लेकर दिया गया वह बयान है, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत में सिखों को पगड़ी पहनने या कड़ा पहनने की आजादी को लेकर लड़ाई लड़नी पड़ रही है। भाजपा ने इसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की छवि खराब करने वाला बताया, जबकि कांग्रेस का तर्क है कि राहुल गांधी ने केवल धार्मिक स्वतंत्रता और मानवाधिकारों की बात की थी।
कानूनी शिकंजे में केंद्रीय मंत्री
रवनीत बिट्टू के लिए मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। उनके बयान के बाद बेंगलुरु और देश के अन्य हिस्सों में पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। कांग्रेस का कहना है कि एक केंद्रीय मंत्री द्वारा विपक्ष के नेता (Leader of Opposition) के खिलाफ ऐसी भाषा का इस्तेमाल करना लोकतंत्र के लिए शर्मनाक है।
सियासी गलियारों में चर्चा तेज
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, भाजपा और कांग्रेस के बीच यह तकरार और बढ़ सकती है। जहां भाजपा राहुल गांधी को 'सिख विरोधी' और 'देश विरोधी' साबित करने में जुटी है, वहीं कांग्रेस इसे भाजपा की 'बांटो और राज करो' की नीति बता रही है।