Assam Politics: सीएम हिमंत बिस्वा सरमा पर लगा 12,000 बीघा जमीन हड़पने का आरोप, कांग्रेस के दावों से मचा हड़कंप
News India Live, Digital Desk : असम की राजनीति में एक बार फिर भूचाल आ गया है। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) और उनके परिवार पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस का दावा है कि मुख्यमंत्री के करीबियों और उनसे जुड़ी संस्थाओं ने राज्य में लगभग 12,000 बीघा सरकारी और आदिवासी जमीन पर अवैध कब्जा किया है। इस खुलासे के बाद असम से लेकर दिल्ली तक सियासी पारा चढ़ गया है।
कांग्रेस का 'जमीन घोटाला' बम: क्या हैं आरोप?
असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (APCC) ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दस्तावेजी सबूत होने का दावा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के परिवार के सदस्यों और उनके स्वामित्व वाली कंपनियों ने नियमों को ताक पर रखकर बड़े पैमाने पर जमीनें खरीदी हैं। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि इन जमीनों में कई ऐसे हिस्से शामिल हैं जो गरीब किसानों, आदिवासियों और सरकारी उपयोग के लिए सुरक्षित थे।
कांग्रेस ने इसे "असम का सबसे बड़ा जमीन घोटाला" करार देते हुए इसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। विपक्षी दल का कहना है कि सत्ता का दुरुपयोग कर आम जनता के अधिकारों का हनन किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री का परिवार और 'सीलिंग एक्ट' का उल्लंघन
कांग्रेस के आरोपों के केंद्र में 'लैंड सीलिंग एक्ट' (Land Ciling Act) है। विपक्षी दल का आरोप है कि एक व्यक्ति या परिवार के पास जितनी जमीन होनी चाहिए, मुख्यमंत्री के परिवार के पास उससे कहीं ज्यादा जमीन है। कांग्रेस ने विशेष रूप से उन कंपनियों का जिक्र किया है जिनमें सीएम की पत्नी और उनके परिवार के अन्य सदस्य निदेशक या हिस्सेदार हैं।
BJP का कड़ा पलटवार: "हताशा में है कांग्रेस"
इन आरोपों पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। असम भाजपा के प्रवक्ताओं ने इन आरोपों को निराधार और मनगढ़ंत बताते हुए खारिज कर दिया है। भाजपा का कहना है कि कांग्रेस के पास कोई मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वह मुख्यमंत्री की छवि धूमिल करने के लिए व्यक्तिगत हमले कर रही है।
भाजपा के अनुसार, ये सभी जमीनें कानून के दायरे में रहकर खरीदी गई हैं और इनके सभी दस्तावेज सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं। भाजपा ने कांग्रेस को चुनौती दी है कि अगर उनके पास ठोस सबूत हैं, तो वे अदालत का दरवाजा खटखटाएं।
जांच की मांग और आगामी चुनाव पर असर
मणिपुर और असम के क्षेत्रीय समीकरणों के बीच इस तरह के आरोप राजनीतिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण हो जाते हैं। कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाने की योजना बना रही है, खासकर उन ग्रामीण इलाकों में जहां जमीन एक संवेदनशील मुद्दा है। वहीं, हिमंत बिस्वा सरमा की टीम इसे विकास विरोधी एजेंडा बताकर खारिज कर रही है।