Ramadan 2026 : सरकारी मुस्लिम कर्मचारियों के लिए खुशखबरी,इन 2 राज्यों ने दी ऑफिस से जल्दी छुट्टी की इजाजत

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News India Live, Digital Desk : रमजान का चांद दिखने के साथ ही इबादत का दौर शुरू हो चुका है। कर्मचारियों को लंबी उपवास अवधि के बाद समय पर घर पहुँचने और इफ्तार की तैयारी करने में मदद करने के लिए तेलंगाना और आंध्र प्रदेश सरकारों ने एक आधिकारिक आदेश (जीओ) जारी किया है। इसके तहत मुस्लिम कर्मचारी अब अपने निर्धारित समय से 1 घंटा पहले कार्यालय छोड़ सकेंगे।

1. तेलंगाना सरकार की घोषणा

तेलंगाना के सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने आदेश जारी किया है कि राज्य के सभी मुस्लिम सरकारी कर्मचारी रमजान के पूरे महीने (19 फरवरी से 20 मार्च 2026 तक) शाम 4:00 बजे ऑफिस से घर जा सकते हैं।

किन्हें मिलेगा लाभ: शिक्षक, संविदा (Contract) कर्मचारी, आउटसोर्सिंग स्टाफ, और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) में काम करने वाले कर्मचारी।

अपवाद: यदि किसी आपातकालीन स्थिति या आवश्यक सेवा में कर्मचारी की उपस्थिति अनिवार्य है, तो उन्हें रुकना पड़ सकता है।

2. आंध्र प्रदेश सरकार की घोषणा

आंध्र प्रदेश सरकार ने भी इसी तर्ज पर मुस्लिम समुदाय के कर्मचारियों, शिक्षकों और संविदा कर्मियों को कार्यालय के समापन समय से 1 घंटा पहले छुट्टी देने का परिपत्र (Circular) जारी किया है।

अवधि: यह रियायत 18 फरवरी से 19 मार्च 2026 तक प्रभावी रहेगी।

उद्देश्य: सरकार का कहना है कि यह निर्णय रोजेदारों को धार्मिक अनुष्ठानों और इफ्तार के समय भारी ट्रैफिक से बचाने के लिए लिया गया है।

विपक्ष की प्रतिक्रिया और बहस

तेलंगाना में इस फैसले को लेकर राजनीतिक बहस भी शुरू हो गई है। बीजेपी (BJP) ने इस कदम की आलोचना करते हुए इसे 'तुष्टिकरण की राजनीति' बताया है और सवाल किया है कि क्या ऐसी ही रियायतें हिंदू त्योहारों (जैसे नवरात्रि) के दौरान भी दी जाएंगी? वहीं, सत्ता पक्ष का कहना है कि यह एक पुरानी परंपरा है जो वर्षों से चली आ रही है ताकि सभी धर्मों के लोग अपने त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से मना सकें।

अन्य राज्यों की स्थिति

महाराष्ट्र में भी AIMIM जैसे दलों ने मांग की है कि तेलंगाना और आंध्र प्रदेश की तर्ज पर वहां भी मुस्लिम कर्मचारियों को रमजान के दौरान रियायत दी जाए। हालांकि, फिलहाल केवल इन दो राज्यों ने ही आधिकारिक रूप से इसकी घोषणा की है।