राजस्थान पंचायत चुनाव का बिगुल बजा: आज से शुरू हुई नामांकन प्रक्रिया

राजस्थान पंचायत चुनाव का बिगुल बजा: आज से शुरू हुई नामांकन प्रक्रिया

राजस्थान के राजनीतिक गलियारों और ग्रामीण अंचलों से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां बहुप्रतीक्षित पंचायती राज चुनावों (Rajasthan Panchayat Elections) का बिगुल आधिकारिक तौर पर बज चुका है। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित विस्तृत कार्यक्रम के अनुसार, आज यानी 8 अक्टूबर से विभिन्न चरणों के लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया विधिवत शुरू हो चुकी है, जिसके साथ ही गांवों की सरकारों को चुनने के लिए राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है। प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में अगले कुछ हफ्तों तक चुनावी बयार बहने वाली है, क्योंकि जिला परिषद, पंचायत समिति सदस्यों के साथ-साथ ग्राम पंचायतों में सरपंच और वार्ड पंच के पदों के लिए होने वाले इन चुनावों की हर एक तारीख तय कर दी गई है। इस लोकतांत्रिक महापर्व में हिस्सा लेने के लिए भावी उम्मीदवारों ने अपनी कमर कस ली है, और प्रशासन ने भी पूरी पारदर्शिता व शांतिपूर्ण मतदान संपन्न कराने के लिए अपनी पुख्ता तैयारियां शुरू कर दी हैं। आइए इस चुनावी शेड्यूल के पहले दिन से लेकर मतगणना और अंतिम परिणामों तक की पूरी टाइमलाइन को विस्तार से समझते हैं।

नामांकन से लेकर नाम वापसी तक की महत्वपूर्ण तिथियां: जानिए किस दिन क्या होगी प्रक्रिया

राज्य निर्वाचन आयोग के तय कार्यक्रम के मुताबिक, चुनाव की आधिकारिक सार्वजनिक अधिसूचना आज 8 अक्टूबर को जारी कर दी गई है, जिसके साथ ही पहले चरण के लिए नामांकन पत्रों को दाखिल करने का सिलसिला शुरू हो गया है। जो भी उम्मीदवार मैदान में उतरना चाहते वे निर्धारित समय सुबह 11:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक अपने संबंधित कार्यालयों में पर्चे भर सकते हैं। चुनाव कार्यक्रम के अनुसार नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 13 अक्टूबर निर्धारित की गई है, जिसके तुरंत बाद 14 अक्टूबर को सभी प्राप्त नामांकन पत्रों की बारीकी से संवीक्षा (Scrutiny) की जाएगी। इसके बाद उम्मीदवारों के पास अपने नाम वापस लेने का विकल्प होगा, जिसकी अंतिम तिथि 15 अक्टूबर तय की गई है, और इसी दिन चुनाव लड़ने वाले अंतिम प्रत्याशियों की तस्वीर साफ हो जाएगी तथा उन्हें चुनाव चिन्हों का आवंटन किया जाएगा। आचार संहिता लागू होने के बाद से ही प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि नामांकन के दौरान किसी भी प्रकार की राजनीतिक रैलियों या शक्ति प्रदर्शन की अनुमति नहीं होगी, ताकि नियमों का कड़ाई से पालन हो सके।

चार चरणों में बंटा मतदान का पूरा शेड्यूल: जानिए कब-कब डाले जाएंगे वोट और क्या है वोटिंग का समय

इस बार के पंचायती राज चुनाव कुल चार अलग-अलग चरणों में संपन्न कराए जा रहे हैं, ताकि सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक मशीनरी को सुचारू रूप से संचालित किया जा सके। पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्यों के लिए मतदान क्रमशः 23 अक्टूबर, 29 अक्टूबर, 4 नवंबर और 14 नवंबर को आयोजित किए जाएंगे। वहीं दूसरी ओर, जमीनी स्तर पर सबसे महत्वपूर्ण माने जाने वाले सरपंच और वार्ड पंच के चुनाव बैलेट पेपर के माध्यम से 25 अक्टूबर, 31 अक्टूबर, 6 नवंबर और 16 नवंबर को विभिन्न चरणों में संपन्न होंगे। मतदान का समय सुबह 7:00 बजे से लेकर शाम 6:00 बजे तक का रखा गया है ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण मतदाता अपने मताधिकार का स्वतंत्र रूप से प्रयोग कर सकें। सरपंच और पंच पदों के लिए मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद उसी दिन या तय नियमानुसार वोटों की गिनती पूरी कर ली जाती है, जिससे गांवों में तुरंत परिणामों की हलचल शुरू हो जाती है।

मतगणना की तारीख, प्रमुख पदों के चुनाव और महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों का पूरा गणित

सभी चरणों की मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के मतों की बड़ी मतगणना आगामी 20 नवंबर को जिला मुख्यालयों पर सुबह 8:00 बजे से एक साथ शुरू होगी, जो चुनावी परिणामों का स्पष्ट चित्र सामने रखेगी। इसके बाद शीर्ष पदों के निर्वाचन का दौर शुरू होगा, जिसमें 25 नवंबर को जिला प्रमुख, 26 नवंबर को उप जिला प्रमुख, 27 नवंबर को प्रधान तथा 28 नवंबर को उप प्रधान का चुनाव संपन्न कराया जाएगा और इसी के साथ पूरी चुनावी प्रक्रिया का समापन हो जाएगा। इस बार के इन चुनावों में पंचायती राज संस्थाओं के लिए 50 प्रतिशत महिला आरक्षण का नियम प्रभावी रूप से लागू है, जिसके चलते प्रदेश की 14,403 ग्राम पंचायतों में से आधी यानी 7,201 सीटों पर केवल महिलाएं ही सरपंच की कमान संभालेंगी। इसके अलावा बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़ और सलूंबर जैसे जिलों में सरपंच के तमाम पद पूरी तरह से अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के लिए आरक्षित किए गए हैं। कुल 3.17 लाख से अधिक मतदान कर्मियों की फौज और 45,000 से ज्यादा बूथों पर होने वाले इस बड़े लोकतांत्रिक आयोजन पर पूरे राज्य की निगाहें टिकी हुई हैं।