Rajasthan Weather Alert : मरुधरा में महातूफान की चेतावनी 13 जिलों में ओलावृष्टि और 25 से अधिक जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी
News India Live, Digital Desk: राजस्थान में मौसम ने एक बार फिर से यू-टर्न ले लिया है। एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव से प्रदेश के आधे से ज्यादा हिस्से में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का खतरा मंडरा रहा है। जयपुर मौसम केंद्र ने आज और कल (18 फरवरी) के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। जहाँ एक ओर बाड़मेर में पारा 35°C के पार पहुँच गया है, वहीं दूसरी ओर बादलों की गर्जना ने ठंड की वापसी के संकेत दे दिए हैं।
13 जिलों में ओलावृष्टि और आंधी का 'डेंजर जोन'
मौसम विभाग (IMD) ने राजस्थान के 13 प्रमुख जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली कड़कने के साथ ओले गिरने की प्रबल संभावना है।
प्रभावित जिले: जयपुर, अलवर, सीकर, झुंझुनू, भरतपुर, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, बूंदी, कोटा, बारां, चूरू और हनुमानगढ़।
कल 25 से अधिक जिलों में दिखेगा 'वेदर सिस्टम' का असर
18 फरवरी को इस पश्चिमी विक्षोभ का असर और व्यापक होने की उम्मीद है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार, कल राजस्थान के लगभग 25 से 31 जिलों में मौसम बदला रहेगा।
पश्चिमी राजस्थान: बीकानेर और जोधपुर संभाग के जिलों में धूलभरी आंधी चल सकती है।
पूर्वी राजस्थान: जयपुर, अजमेर और कोटा संभाग में मध्यम से तेज बारिश होने के आसार हैं।
तापमान में भारी गिरावट की आशंका
वर्तमान में राजस्थान के कई शहरों में मार्च जैसी गर्मी महसूस की जा रही थी। बाड़मेर और जैसलमेर में अधिकतम तापमान सामान्य से 5 डिग्री ऊपर चल रहा था। हालांकि, इस बारिश और ओलावृष्टि के बाद दिन और रात के तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे एक बार फिर गुलाबी ठंड का अहसास होगा।
किसानों के लिए जरूरी सलाह
ओलावृष्टि और तेज हवाओं की चेतावनी को देखते हुए कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सतर्क रहने को कहा है।
सरसों और गेहूं की पकती फसलों को नुकसान हो सकता है।
खलिहान में रखी फसल को सुरक्षित स्थान पर ढक कर रखें।
पशुओं को पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे न बांधें।