Salary Hike 2026 : 1 अप्रैल से बढ़ेगी आपकी इन-हैंड सैलरी नए टैक्स नियमों से ₹80,000 तक का फायदा जानें क्या है नया Income Tax Code
News India Live, Digital Desk : नौकरीपेशा लोगों के लिए नया वित्त वर्ष (FY 2026-27) खुशियों की सौगात लेकर आ रहा है। भारत सरकार द्वारा दशकों पुराने इनकम टैक्स एक्ट को बदलकर नया Income Tax Code 2025 लागू किया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि नए टैक्स स्लैब और बढ़ी हुई स्टैंडर्ड डिडक्शन (Standard Deduction) के तालमेल से मध्यम वर्गीय कर्मचारियों की सालाना बचत ₹25,000 से लेकर ₹80,000 तक बढ़ सकती है।
1. ₹12.75 लाख तक की आय 'टैक्स फ्री'
नए टैक्स रिजीम (New Tax Regime) के तहत अब ₹12 लाख तक की सालाना आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। इसमें ₹75,000 की स्टैंडर्ड डिडक्शन जोड़ दी जाए, तो ₹12.75 लाख तक की सैलरी वाले कर्मचारियों को एक भी रुपया टैक्स नहीं देना होगा। यह मध्यम वर्ग के लिए अब तक की सबसे बड़ी राहत मानी जा रही है।
2. सैलरी स्ट्रक्चर में बड़े बदलाव (Perquisites & Allowances)
नए ड्राफ्ट नियमों के अनुसार, एम्प्लॉयर द्वारा दी जाने वाली कई सुविधाओं (Perquisites) पर टैक्स छूट की सीमा बढ़ाई गई है:
Meal Allowance: अब ₹200 प्रति मील तक का भत्ता टैक्स फ्री होगा।
Staff Loan: एम्प्लॉयर से लिए गए ₹2 लाख तक के ब्याज मुक्त लोन पर कोई टैक्स नहीं लगेगा।
Gift Exemption: साल में ₹15,000 तक के गिफ्ट वाउचर अब टैक्स के दायरे से बाहर होंगे।
3. HRA के नियमों में बड़ी राहत
अब तक केवल चार महानगरों (दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई) में ही 50% HRA छूट का लाभ मिलता था। नए नियमों के तहत अब बेंगलुरु, हैदराबाद और पुणे जैसे शहरों को भी इस लिस्ट में शामिल किया जा सकता है, जिससे इन शहरों में रहने वाले किराएदारों की टैक्स बचत बढ़ेगी और इन-हैंड सैलरी में इजाफा होगा।
4. नया टैक्स स्लैब: एक नजर में (New Regime)
| सालाना आय (₹) | टैक्स दर (%) |
|---|---|
| 0 - 4 लाख | शून्य (Nil) |
| 4 - 8 लाख | 5% |
| 8 - 12 लाख | 10% |
| 12 - 16 लाख | 15% |
| 16 - 20 लाख | 20% |
| 20 - 24 लाख | 25% |
| 24 लाख से ऊपर | 30% |
5. कम कटेगा TDS, जेब में आएगा ज्यादा पैसा
चूंकि टैक्स की देनदारी कम हो रही है, इसलिए कंपनियां आपके वेतन से हर महीने कटने वाले TDS (Tax Deducted at Source) में कटौती करेंगी। इसका सीधा मतलब है कि बिना कंपनी से सैलरी बढ़वाए भी, हर महीने आपके बैंक खाते में आने वाली रकम (Take-home) ₹2,000 से ₹6,500 तक बढ़ सकती है।