Assam Election 2026 : असम में अप्रैल के पहले हफ्ते में हो सकते हैं चुनाव हिमंता बिस्वा सरमा फिर होंगे CM चेहरा

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News India Live, Digital Desk: असम की सियासत में चुनावी बिगुल बजने ही वाला है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के ताजा बयानों और चुनाव आयोग की तैयारियों को देखते हुए यह माना जा रहा है कि असम विधानसभा चुनाव अप्रैल 2026 के पहले सप्ताह में आयोजित किए जा सकते हैं। बीजेपी ने अपनी रणनीति के केंद्र में एक बार फिर हिमंता बिस्वा सरma को ही रखा है, जो पार्टी के लिए न केवल सबसे बड़ा चेहरा हैं, बल्कि 'विक्ट्री स्ट्रैटेजी' के मुख्य सूत्रधार भी हैं।

फरवरी में हो सकता है तारीखों का ऐलान

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने हाल ही में संकेत दिए हैं कि चुनाव आयोग फरवरी 2026 के अंत तक चुनाव की तारीखों की घोषणा कर सकता है। राज्य की 126 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल 20 मई 2026 को समाप्त हो रहा है, ऐसे में अप्रैल और मई के बीच मतदान की प्रक्रिया पूरी होनी अनिवार्य है। राजनीतिक दलों ने चुनाव आयोग से 'बिहू उत्सव' को ध्यान में रखते हुए मतदान की तारीखें तय करने की अपील की है।

क्यों हिमंता बिस्वा सरमा ही हैं पहली पसंद?

बीजेपी के भीतर और बाहर, इस बात पर लगभग सहमति है कि पार्टी हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में ही चुनाव लड़ेगी। इसकी कुछ प्रमुख वजहें हैं:

विकास का 'असम मॉडल': सड़कों का जाल, 'अरुणोदई' जैसी कल्याणकारी योजनाएं और सेमीकंडक्टर प्लांट जैसे निवेश उनकी बड़ी उपलब्धि माने जा रहे हैं।

मजबूत हिंदुत्व छवि: 'मिया' राजनीति के खिलाफ कड़ा रुख और स्वदेशी समुदायों के हितों की रक्षा के दावों ने उन्हें जमीन पर मजबूत पकड़ दी है।

विपक्ष में सेंधमारी: हाल ही में पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष भूपेन बोरा का इस्तीफा और कांग्रेस के कई विधायकों के बीजेपी में आने की संभावना ने उनके कद को और बढ़ाया है।

100+ सीटों का 'मिशन'

बीजेपी ने इस बार 'मिशन 100+' का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री ने दावा किया है कि यदि आज चुनाव होते हैं, तो नतीजे पूरी तरह से भाजपा के पक्ष में होंगे। पार्टी का फोकस इस बार उन 103 सीटों पर है जहाँ जनसांख्यिकीय (Demographics) चुनौतियां अधिक हैं। बोडोलैंड और पंचायत चुनावों में एनडीए की हालिया जीत को 2026 के लिए एक सफल 'ट्रायल रन' माना जा रहा है।

क्या हैं प्रमुख चुनावी मुद्दे?

असम चुनाव 2026 मुख्य रूप से इन मुद्दों के इर्द-गिर्द सिमटा रहेगा:

पहचान (Identity): अवैध प्रवासियों की पहचान और उन्हें बाहर निकालने का मुद्दा।

विकास (Development): बुनियादी ढांचा और तकनीकी निवेश।

रोजगार: सरकारी नौकरियों में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता।

NRC और परिसीमन (Delimitation): निर्वाचन क्षेत्रों के नए स्वरूप का चुनावों पर प्रभाव।