Rajasthan Politics : CM भजनलाल का साफ संदेश MP-MLA का फोन उठाना ही पड़ेगा, बहानेबाजी नहीं चलेगी

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News India Live, Digital Desk: Rajasthan Politics : राजस्थान में अब अफसरशाही और लालफीताशाही पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कड़ा रुख अपना लिया है। 'सांसद-विधायक संवाद' कार्यक्रम में सीएम ने प्रदेश के तमाम आला अफसरों को साफ और सीधे शब्दों में संदेश दे दिया है कि अब जनता के प्रतिनिधियों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने दो टूक कहा कि अधिकारियों को सांसद-विधायकों के फोन उठाने ही पड़ेंगे और काम में बहानेबाजी अब नहीं चलेगी।

"फोन उठाएं, नहीं तो कॉल-बैक करें"

बैठक में मुख्यमंत्री ने सबसे ज्यादा जोर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल पर दिया। उन्होंने अफसरों से कहा, "यह अक्सर सुनने में आता है कि आप लोग सांसद-विधायकों के फोन नहीं उठाते। यह आदत अब बदलनी होगी। आप फोन उठाएं, अगर किसी मीटिंग में व्यस्त हैं तो बाद में कॉल-बैक करें, लेकिन जनप्रतिनिधि की बात को सुनना आपकी जिम्मेदारी है।"

"जनता का काम रुकना नहीं चाहिए"

सीएम भजनलाल शर्मा ने 'टीम राजस्थान' की भावना से काम करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अफसर और नेता, दोनों ही सरकार का हिस्सा हैं और दोनों का लक्ष्य एक ही है- जनता की सेवा करना। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा, "दोनों के बीच तालमेल की कमी के कारण जनता का कोई भी काम रुकना नहीं चाहिए। अगर कोई अधिकारी विकास के कामों में बेवजह देरी करता है या जनप्रतिनिधि को उचित सम्मान नहीं देता है, तो इसे गंभीरता से लिया जाएगा।"

बैठक से दिए साफ संकेत

इस बैठक के जरिए मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट संकेत दे दिया है कि उनकी सरकार में ब्यूरोक्रेसी को जवाबदेह बनाया जाएगा। जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों की बात को प्राथमिकता देनी होगी और विकास योजनाओं को बिना किसी देरी के जमीन पर उतारना होगा। इस संवाद कार्यक्रम के बाद माना जा रहा है कि प्रदेश की प्रशासनिक कार्यशैली में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है।