राहुल गांधी हुए फॉक्सकॉन के मुरीद कर्नाटक में आईफोन फैक्ट्री पर दिया बड़ा बयान, केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने भी किया थैंक्स
News India Live, Digital Desk : राजनीति में अक्सर हम विरोधियों को एक-दूसरे पर हमला करते देखते हैं. लेकिन, कभी-कभी ऐसी बातें भी होती हैं, जब अच्छे काम की सराहना विरोधी भी करने लगते हैं! ऐसा ही कुछ देखने को मिला है, जहाँ कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कर्नाटक में ताइवान की मशहूर कंपनी फॉक्सकॉन (Foxconn) द्वारा स्थापित की जा रही आईफोन फैक्ट्री की जमकर तारीफ की है. इससे केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव भी इतने खुश हुए कि उन्होंने राहुल गांधी को बकायदा 'थैंक यू' कहा! है ना ये दिलचस्प बात!
राहुल गांधी ने आखिर ऐसा क्यों कहा?
राहुल गांधी ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट पर एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए लिखा कि कर्नाटक के देवनाहल्ली (देवनहल्ली) में फॉक्सकॉन का यह प्रोजेक्ट बड़ी तेजी से आगे बढ़ रहा है. उन्होंने इसे बहुत बड़ी और महत्वपूर्ण ख़बर बताया, खासकर रोज़गार के अवसर पैदा करने के लिहाज से. उनका कहना है कि इस प्लांट से हजारों लोगों को नौकरी मिलेगी और इससे कर्नाटक की अर्थव्यवस्था को भी मज़बूती मिलेगी. राहुल गांधी ने ये भी बताया कि पहले ये प्रोजेक्ट किसी और राज्य में जा रहा था, लेकिन कांग्रेस सरकार के प्रयासों से ये कर्नाटक आ पाया.
केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने भी कहा 'धन्यवाद'!
आमतौर पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेता एक-दूसरे की आलोचना करते हैं, लेकिन इस बार माहौल कुछ अलग रहा. राहुल गांधी की पोस्ट पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने तुरंत अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, "राहुल गांधी जी, आपके सकारात्मक विचार के लिए धन्यवाद." ये सिर्फ एक छोटा सा जवाब नहीं, बल्कि दिखाता है कि अच्छे काम की सराहना की जाए तो राजनीति का एक बेहतर और सकारात्मक चेहरा भी दिख सकता है.
क्यों इतना ख़ास है ये फॉक्सकॉन प्लांट?
- हज़ारों नौकरियाँ: बताया जा रहा है कि इस प्लांट से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हज़ारों की संख्या में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे.
- आत्मनिर्भर भारत: 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' जैसी पहलों के लिए यह एक बहुत बड़ा कदम है. इससे भारत दुनिया के लिए आईफोन का एक बड़ा मैन्युफैक्चरिंग हब बन पाएगा.
- चीन पर निर्भरता कम: इस तरह के प्लांट चीन पर हमारी निर्भरता कम करने में भी मददगार साबित होंगे.
यह प्रोजेक्ट सिर्फ कर्नाटक ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक गेमचेंजर साबित हो सकता है. ये दिखाता है कि सही नीतियों और प्रयासों से देश में कैसे विदेशी निवेश आकर्षित किया जा सकता है और रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं.