बांग्लादेश में रहमान युग की शुरुआत मोहम्मद यूनुस ने छोड़ी कुर्सी, अब क्या होगा नोबेल विजेता का अगला कदम?

Post

News India Live, Digital Desk: बांग्लादेश में 12 फरवरी 2026 को हुए ऐतिहासिक आम चुनावों के नतीजों ने देश की दिशा बदल दी है। 17 साल के वनवास के बाद लौटे तारिक रहमान (Tarique Rahman) की अगुवाई में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने प्रचंड बहुमत हासिल किया है। इस जीत के साथ ही अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार प्रोफेसर मोहम्मद यूनुस (Muhammad Yunus) के इस्तीफे और उनके भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

1. मोहम्मद यूनुस का विदाई संदेश: "दुःस्वप्न का अंत"

चुनाव के दिन ढाका में मतदान करने के बाद 85 वर्षीय मोहम्मद यूनुस ने भावुक होते हुए कहा, "आज आजादी का दिन है। हमने एक दुःस्वप्न का अंत किया है और एक नए सपने की शुरुआत की है।" अगस्त 2024 में शेख हसीना के तख्तापलट के बाद कमान संभालने वाले यूनुस ने स्पष्ट कर दिया है कि उनका काम अब पूरा हो चुका है।

2. कुर्सी छोड़ने के बाद क्या करेंगे प्रोफेसर यूनुस?

यूनुस ने हमेशा खुद को एक 'अस्थाई ट्रस्टी' बताया है। उनके भविष्य के प्लान्स कुछ इस तरह हैं:

राजनीति से दूरी: यूनुस ने साफ तौर पर कहा है कि उनकी अगली चुनी हुई सरकार का हिस्सा बनने की कोई इच्छा नहीं है। वे सक्रिय राजनीति में नहीं आएंगे।

सामाजिक व्यापार (Social Business) पर वापसी: वे फिर से अपने मूल काम, यानी माइक्रो-क्रेडिट और 'ग्रामीण बैंक' के जरिए गरीबी उन्मूलन के वैश्विक मिशन पर लौटेंगे।

अंतरराष्ट्रीय भूमिका: वे पेरिस ओलंपिक 2024 के डिजाइन में भी शामिल थे और अब वे 'थ्री जीरो' (जीरो नेट कार्बन उत्सर्जन, जीरो वेल्थ कंसंट्रेशन, और जीरो बेरोजगारी) के अपने विजन को वैश्विक स्तर पर प्रमोट करेंगे।

3. तारिक रहमान की ताजपोशी: 35 साल बाद मिला 'पुरुष' पीएम

बांग्लादेश के इतिहास में यह एक बड़ा बदलाव है। पिछले 35 सालों से देश की सत्ता दो महिलाओं (शेख हसीना और खालिदा जिया) के बीच घूम रही थी।

भारी बहुमत: शुरुआती नतीजों के अनुसार, BNP और उसके सहयोगियों ने 300 में से 200 से अधिक सीटें जीतकर दो-तिहाई बहुमत हासिल कर लिया है।

दो सीटों पर जीत: तारिक रहमान ने ढाका-17 और बोगरा-6 दोनों निर्वाचन क्षेत्रों से शानदार जीत दर्ज की है।

भारत और दुनिया की बधाई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ ने तारिक रहमान को इस "निर्णायक जीत" पर बधाई दी है।

4. यूनुस की विरासत: 'जुलाई चार्टर' और संविधान सुधार

भले ही यूनुस पद छोड़ रहे हों, लेकिन वे अपने पीछे एक नई व्यवस्था छोड़ गए हैं। उनके द्वारा लाया गया 'जुलाई चार्टर' और संविधान संशोधन का प्रस्ताव (जिसमें पीएम के कार्यकाल की सीमा तय करना शामिल है) नए बांग्लादेश की नींव बनेगा।