MP IAS Transfer : मध्य प्रदेश में आधी रात बड़ी प्रशासनिक सर्जरी 11 IAS अफसरों के तबादले,कांग्रेस का आरोप
News India Live, Digital Desk : मध्य प्रदेश की राजनीति में शनिवार सुबह प्रशासनिक हलचल के साथ हुई। राज्य सरकार ने देर रात एक आदेश जारी कर 11 वरिष्ठ आईएएस (IAS) अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बड़ा बदलाव किया है। इस लिस्ट में जनसंपर्क, आबकारी, स्वास्थ्य और कृषि जैसे महत्वपूर्ण विभाग शामिल हैं। जहां सरकार इसे प्रशासनिक कसावट बता रही है, वहीं कांग्रेस ने इसे आबकारी विभाग (Excise Department) के "दागी" अफसरों को संरक्षण देने की कोशिश करार दिया है।
प्रमुख तबादले: किसे क्या मिला?
इस फेरबदल में कुछ अधिकारियों की ताकत बढ़ी है, तो कुछ के विभाग बदले गए हैं:
मनीष सिंह: 2009 बैच के कड़क अधिकारी मनीष सिंह की एक बार फिर जनसंपर्क आयुक्त के रूप में वापसी हुई है। वे परिवहन सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी संभालते रहेंगे।
अशोक वर्णवाल: अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल को वन विभाग से हटाकर लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की कमान सौंपी गई है।
संदीप यादव: उन्हें स्वास्थ्य विभाग से हटाकर वन विभाग का प्रमुख सचिव बनाया गया है।
दीपक सक्सेना: पिछले 4 महीनों से जनसंपर्क संभाल रहे दीपक सक्सेना को अब आबकारी आयुक्त (ग्वालियर) जैसी अहम जिम्मेदारी दी गई है।
अभिजीत अग्रवाल: आबकारी विभाग से हटाकर उन्हें मप्र राज्य सहकारी विपणन संघ का एमडी बनाया गया है।
तबादलों की पूरी सूची (List of Transfers)
| अधिकारी का नाम | वर्तमान/पुराना पद | नई जिम्मेदारी |
|---|---|---|
| अशोक वर्णवाल | ACS, वन विभाग | ACS, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा |
| संदीप यादव | PS, स्वास्थ्य विभाग | PS, वन विभाग |
| मनीष सिंह | सचिव, परिवहन | आयुक्त, जनसंपर्क (अतिरिक्त प्रभार बना रहेगा) |
| दीपक सक्सेना | आयुक्त, जनसंपर्क | आयुक्त, आबकारी (ग्वालियर) |
| अभिजीत अग्रवाल | आयुक्त, आबकारी | MD, राज्य सहकारी विपणन संघ |
| उमाशंकर भार्गव | अपर सचिव, राजभवन | संचालक, किसान कल्याण एवं कृषि विकास |
| अजय गुप्ता | संचालक, कृषि विभाग | MD, पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (जबलपुर) |
कांग्रेस का तीखा वार: "जवाबदेही का क्या?"
इस फेरबदल पर कांग्रेस ने 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर सरकार को घेरा है। कांग्रेस के मुख्य आरोप:
भ्रष्टाचार को संरक्षण: कांग्रेस का आरोप है कि आबकारी विभाग में 75 करोड़ के फर्जी चालान और जबलपुर जहरीली शराब कांड के बावजूद अफसरों को दंडित करने के बजाय सिर्फ इधर-उधर किया गया है।
नई आबकारी नीति: विपक्ष का कहना है कि नई आबकारी नीति लागू होने से ठीक पहले यह बदलाव किसी खास वर्ग को फायदा पहुँचाने के लिए किया गया है।
2026 'कृषि वर्ष' पर फोकस
प्रशासनिक गलियारों में चर्चा है कि यह बदलाव इसलिए भी अहम है क्योंकि सरकार ने वर्ष 2026 को 'कृषि वर्ष' घोषित किया है। उमाशंकर भार्गव की कृषि विभाग में नियुक्ति इसी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।