बिना पासपोर्ट और वीजा के करें इटली की सैर भारत के इस शहर को कहते हैं Italy of India, खूबसूरती देख विदेशी भी हैं दीवाने
News India Live, Digital Desk: अगर आप भी विदेश घूमने का सपना देख रहे हैं लेकिन बजट और वीजा की टेंशन है, तो आपके लिए एक शानदार खबर है। भारत में ही एक ऐसा शहर है जो अपनी वास्तुकला (Architecture), नहरों और रोमांटिक माहौल की वजह से 'इटली ऑफ इंडिया' के नाम से मशहूर है। हम बात कर रहे हैं महाराष्ट्र के पुणे जिले में स्थित बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन लवासा (Lavasa) की।
क्यों कहा जाता है इसे 'इटली'?
लवासा को इटली के मशहूर शहर पोर्टोफिनो (Portofino) की तर्ज पर डिजाइन किया गया है। यहाँ की खासियतें आपको यूरोप का अहसास कराएंगी:
रंगीन इमारतें: यहाँ की इमारतें और विला इटालियन स्टाइल में बने हैं, जो झील के किनारे कतारबद्ध नजर आते हैं।
वॉटरफ्रंट प्रोमेनेड: यहाँ झील के किनारे टहलना ठीक वैसा ही अनुभव देता है जैसा वेनिस या पोर्टोफिनो की सड़कों पर मिलता है।
शांत माहौल: ऊंचे पहाड़ों और हरियाली के बीच बसी यह जगह शांति और सुकून चाहने वालों के लिए स्वर्ग है।
लवासा में क्या-क्या करें? (Things to Do)
वॉटर स्पोर्ट्स: यहाँ आप कयाकिंग (Kayaking), जेट स्की और बोटिंग का आनंद ले सकते हैं।
नेचर ट्रेल्स: अगर आपको एडवेंचर पसंद है, तो यहाँ के घने जंगलों में ट्रेकिंग का लुत्फ उठाएं।
फोटोग्राफी: यह जगह इंस्टाग्राम लवर्स के लिए बेस्ट है, यहाँ का हर कोना एक परफेक्ट फ्रेम है।
इटालियन कुजीन: यहाँ के कैफे और रेस्टोरेंट्स में आप असली इटालियन पास्ता और पिज्जा का स्वाद ले सकते हैं।
[Image: Beautiful colorful buildings of Lavasa city reflecting in the lake water]
कैसे पहुँचें? (How to Reach)
हवाई मार्ग (By Air): सबसे नजदीकी एयरपोर्ट पुणे (Pune) है, जो यहाँ से करीब 65 किमी दूर है। मुंबई एयरपोर्ट से इसकी दूरी लगभग 200 किमी है।
रेल मार्ग (By Rail): पुणे रेलवे स्टेशन सबसे पास है। यहाँ से आप टैक्सी या बस लेकर 2 घंटे में लवासा पहुँच सकते हैं।
सड़क मार्ग (By Road): मुंबई और पुणे से लवासा के लिए सड़क का सफर बेहद रोमांचक है। पश्चिमी घाट के नजारों के बीच ड्राइव करना आपको मंत्रमुग्ध कर देगा।
घूमने का सही समय
यूँ तो यहाँ साल भर मौसम सुहावना रहता है, लेकिन मानसून (जुलाई से सितंबर) और सर्दियों (अक्टूबर से मार्च) में यहाँ की खूबसूरती अपने चरम पर होती है। बारिश के दौरान पहाड़ियों पर छाई धुंध इसे और भी जादुई बना देती है।