दिल्ली यूनिवर्सिटी में बवाल प्रदर्शन के दौरान महिला पत्रकार से बदसलूकी, जाति को लेकर की गई टिप्पणी पर भड़का गुस्सा
News India Live, Digital Desk : राजधानी दिल्ली का प्रतिष्ठित दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) एक बार फिर विवादों के केंद्र में है। विश्वविद्यालय परिसर में यूजीसी के खिलाफ आयोजित एक विरोध प्रदर्शन के दौरान कवरेज कर रही महिला पत्रकार रुचि तिवारी के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया गया। मामला केवल धक्का-मुक्की तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पत्रकार ने आरोप लगाया है कि उनकी जाति को लेकर अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया, जिससे परिसर में तनाव फैल गया है।
क्या है पूरा मामला? (Incident Overview)
यह घटना तब हुई जब डीयू कैंपस में छात्र और विभिन्न संगठन यूजीसी की कुछ नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे।
पत्रकार पर हमला: पत्रकार रुचि तिवारी वहां रिपोर्टिंग कर रही थीं, तभी कुछ प्रदर्शनकारियों के साथ उनकी बहस हो गई।
जातिगत टिप्पणी का आरोप: रुचि तिवारी का दावा है कि प्रदर्शन में शामिल कुछ लोगों ने न केवल उनके काम में बाधा डाली, बल्कि उनकी 'जाति' को निशाना बनाते हुए आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया।
सोशल मीडिया पर वायरल: घटना के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिसमें मौके पर हंगामा और बहस होती देखी जा सकती है।
विरोध और पुलिस की कार्रवाई
पत्रकार के साथ हुई इस घटना के बाद पत्रकारों के विभिन्न समूहों और सोशल मीडिया पर लोगों ने कड़ा रोष व्यक्त किया है।
शिकायत दर्ज: रुचि तिवारी ने इस मामले में पुलिस से संपर्क किया है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
कैंपस में सुरक्षा पर सवाल: इस घटना ने एक बार फिर डीयू जैसे संस्थानों में सुरक्षा और अभिव्यक्ति की आजादी के माहौल पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
छात्र संगठनों की प्रतिक्रिया: जहां कुछ संगठनों ने इसे 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताया है, वहीं कुछ अन्य ने इसे प्रदर्शन को बदनाम करने की साजिश करार दिया है।
जातिवाद के खिलाफ उठती आवाजें
दिल्ली विश्वविद्यालय हमेशा से वैचारिक बहसों का अड्डा रहा है, लेकिन पत्रकार के साथ जातिगत भेदभाव के इस आरोप ने बहस को एक नया मोड़ दे दिया है। नागरिक समाज और मीडिया संगठनों का कहना है कि ड्यूटी पर तैनात किसी भी पत्रकार, विशेषकर महिला पत्रकार के साथ ऐसा व्यवहार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर चोट है।