अगले सूर्य ग्रहण की तैयारी फरवरी 2026 में भारत में मान्य होगा या नहीं, अभी से जानें पूजा पाठ के नियम

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News India Live, Digital Desk : सूर्य ग्रहण एक खगोलीय घटना होने के साथ-साथ हिंदू धर्म और ज्योतिष में एक बहुत ही महत्वपूर्ण घटना मानी जाती है। हर ग्रहण से पहले यह जानना ज़रूरी होता है कि इसका सूतक काल (Sutak Kaal) भारत में मान्य होगा या नहीं। फरवरी 2026 में होने वाले सूर्य ग्रहण (Surya Grahan 2026) को लेकर ज्योतिषीय गणनाएं और वैज्ञानिक आकलन सामने आ चुके हैं।

आइए, विस्तार से जानते हैं कि 2026 में लगने वाले इस सूर्य ग्रहण का सही समय क्या है, क्या यह भारत में दिखाई देगा और सूतक काल मान्य होगा या नहीं।

कब लगेगा 2026 का सूर्य ग्रहण?

फरवरी 2026 में लगने वाला यह सूर्य ग्रहण उस वर्ष का पहला बड़ा ग्रहण हो सकता है।

विवरणसमय/स्थिति
ग्रहण की तारीखफ़रवरी 2026 (आसपास)
ग्रहण का स्वरूपपूर्ण सूर्य ग्रहण (Total Solar Eclipse) होने की संभावना
ग्रहण का प्रारंभ(आधिकारिक समय सारणी जल्द जारी होगी)
ग्रहण का समापन(आधिकारिक समय सारणी जल्द जारी होगी)

सबसे बड़ा सवाल: क्या यह ग्रहण भारत में दिखेगा?

ज्योतिष शास्त्र का नियम है कि धार्मिक अनुष्ठान और सूतक तभी मान्य होता है जब वह ग्रहण हमारे क्षेत्र (Visible in Our Location) में दिखाई दे।

अच्छी खबर यह है कि फरवरी 2026 में लगने वाला यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा।

  • इसका सीधा अर्थ यह है कि इस ग्रहण के कारण आपको मंदिर के पट बंद करने, खाने-पीने से बचने या धार्मिक अनुष्ठानों में रुकावट डालने की कोई ज़रूरत नहीं है। दैनिक गतिविधियाँ सामान्य रूप से जारी रखी जा सकती हैं।

धार्मिक मान्यता: ग्रहण के समय क्या करें और क्या न करें?

चूँकि यह ग्रहण भारत में मान्य नहीं है, इसलिए सामान्य रूप से सूतक और धार्मिक नियमों का पालन करना अनिवार्य नहीं है। लेकिन भविष्य में लगने वाले ग्रहणों या सामान्य जानकारी के लिए, कुछ बातें जाननी ज़रूरी हैं:

ग्रहण के दौरान क्या न करें?

  • मूर्ति स्पर्श: इस दौरान पूजा पाठ करना या देवी-देवताओं की मूर्ति को छूना वर्जित होता है।
  • शुभ कार्य: नया काम, नींव पूजन या कोई भी मांगलिक कार्य नहीं करना चाहिए।

ग्रहण के दौरान क्या करें?

  • दान की तैयारी: ग्रहण समाप्त होने के बाद दान देने के लिए पहले से अनाज, वस्त्र और धन अलग निकालकर रखें।
  • पारण: ग्रहण खत्म होने और शुद्धि के बाद ही भोजन ग्रहण करें।