सिर्फ कलाई नहीं वास्तु दोष दूर करना है तो कलावा घर की इन 3 जगहों पर बाँध दें, धन की होगी वर्षा

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News India Live, Digital Desk : सनातन धर्म में कलावा (Mauli or Sacred Thread) का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व बहुत गहरा है। आमतौर पर इसे हाथों की कलाई पर रक्षा सूत्र के रूप में बाँधा जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के अनुसार, यह लाल-पीले रंग का पवित्र धागा सिर्फ कलाई पर नहीं, बल्कि आपके घर की कुछ विशेष जगहों पर भी बांधा जा सकता है?

माना जाता है कि अगर कलावा सही जगह और सही विधि से बांधा जाए, तो यह घर के सभी वास्तु दोषों (Vastu Dosh) को खत्म कर देता है और सुख-समृद्धि के रास्ते खोलता है।

आइए, जानते हैं कलावा को घर में किन 3 जगहों पर बाँधना सबसे ज़्यादा शुभ और लाभकारी माना जाता है:

1. मुख्य द्वार (Main Entrance)

घर का मुख्य द्वार सिर्फ़ अंदर आने-जाने की जगह नहीं होता, बल्कि यह सकारात्मक ऊर्जा और माँ लक्ष्मी के प्रवेश का रास्ता माना जाता है। अगर यहाँ कोई वास्तु दोष होता है, तो घर में धन टिकता नहीं है।

  • लाभ: इससे नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) घर के अंदर प्रवेश नहीं कर पाती। यह एक 'रक्षा कवच' की तरह काम करता है, जो घर को बुरी नज़र से बचाता है और लक्ष्मी के आगमन का मार्ग साफ करता है।

2. जल स्रोत (The Source of Water/Kitchen Faucet)

वास्तु के अनुसार, जल यानी पानी धन और समृद्धि का प्रतीक होता है (जैसे माँ लक्ष्मी सागर पुत्री हैं)। घर में जल के स्थान (बाथरूम को छोड़कर, खासकर रसोई या पानी के बर्तन) पर अगर दोष हो, तो धन हानि होने लगती है।

  • लाभ: इससे जल तत्व मजबूत होता है, और माँ लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। घर में कभी धन की कमी नहीं आती। अगर पानी बेवजह बर्बाद हो रहा हो, तो यह उसे नियंत्रित करने का एक सांकेतिक उपाय भी है, जिससे घर की बरकत बनी रहती है।

3. धन रखने का स्थान (The Treasury/Locker)

घर में जिस जगह पर आप धन, गहने, या ज़रूरी दस्तावेज़ (तिजोरी/लॉकर) रखते हैं, वह सबसे पवित्र और शक्तिशाली जगह होती है। अगर यहाँ नकारात्मकता हुई, तो धन का संचय नहीं हो पाता।

  • लाभ: कलावा धन को बुरी शक्तियों से बचाता है। इसे हनुमान जी का भी आशीर्वाद माना जाता है। इससे आपका संचित धन सुरक्षित रहता है और खर्चों पर नियंत्रण रहता है। यह तिजोरी को एक 'स्थायी चुंबक' की तरह काम करने में मदद करता है जो धन को आकर्षित करता है।

ध्यान रखने वाली बात: हर मंगलवार या शुक्रवार को इस कलावे को बदलना चाहिए। पुराना कलावा किसी पेड़ की जड़ में या बहते जल में प्रवाहित कर दें।