बिहार की राजनीति अब बाथरूम तक पहुँची? सरकारी आवास से कमोड गायब होने के आरोप ने उड़ाए सबके होश
News India Live, Digital Desk : बिहार की राजनीति की अपनी ही एक अलग तासीर है। यहाँ कभी विकास की बातें होती हैं, तो कभी जातीय जनगणना की, लेकिन फिलहाल पटना के सियासी गलियारों में जो चर्चा सबसे गरम है, उसे सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे। आमतौर पर पार्टियाँ विचारधारा या पॉलिसी को लेकर लड़ती हैं, लेकिन बिहार में इस समय लड़ाई छिड़ी है 'बाथरूम फिटिंग्स' और 'नल' को लेकर।
जी हाँ, ये बात सुनने में शायद आपको फिल्मी लगे, लेकिन जेडीयू (JDU) प्रवक्ता नीरज कुमार ने लालू परिवार और राबड़ी आवास को लेकर एक ऐसा आरोप लगा दिया है, जिससे पटना से लेकर दिल्ली तक सुगबुगाहट तेज हो गई है।
नीरज कुमार का बड़ा दावा: "टोंटी से लेकर कमोड तक गायब!"
जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कुछ तस्वीरें और दावे पेश किए हैं। उनका सीधा आरोप है कि जब राबड़ी आवास (जो एक सरकारी बंगला है) में रेनोवेशन या बदलाव हुए, तो वहां से कीमती सरकारी सामान निकाल लिए गए। नीरज कुमार यहीं नहीं रुके, उन्होंने यहाँ तक कह दिया कि घर के नल (Spout) और बाथरूम का कमोड तक भी नहीं छोड़ा गया।
जेडीयू का कहना है कि ये जनता की कमाई का पैसा है जिससे ये सरकारी बंगले सजाए जाते हैं, और जब यहाँ से कोई जाता है या इसे खाली करता है, तो सामान का इस तरह गायब होना गंभीर सवाल खड़े करता है।
क्या ये सिर्फ एक 'पर्सनल अटैक' है?
देखा जाए तो बिहार में बंगलों को लेकर ये कोई पहली जंग नहीं है। इससे पहले भी जब तेजस्वी यादव ने बंगला खाली किया था, तब भी 'टोंटी' को लेकर काफी बवाल हुआ था। अब नीरज कुमार ने इसी पुराने घाव को कुरेदने का काम किया है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए पूछा कि आखिर कौन सी ऐसी मजबूरी थी कि सरकारी टोंटी और बाथरूम फिटिंग्स को भी साथ ले जाने की नौबत आ गई?
विपक्ष यानी आरजेडी का क्या है स्टैंड?
आरजेडी (RJD) की तरफ से हालांकि अभी इन खास आरोपों पर बहुत विस्तार से जवाब नहीं आया है, लेकिन पार्टी समर्थकों का मानना है कि ये केवल उनके नेतृत्व की छवि खराब करने की एक कोशिश है। उनका तर्क है कि जब चुनाव नजदीक होते हैं या गठबंधन में खींचतान बढ़ती है, तो जेडीयू ऐसे बेबुनियाद मुद्दे लेकर आती है जिनका विकास से कोई लेना-देना नहीं होता।
जनता क्या सोच रही है?
सोशल मीडिया पर लोग इस खबर को लेकर दो हिस्सों में बंटे हुए हैं। कुछ लोग मीम्स (Memes) बनाकर इसे हंसी-मजाक में टाल रहे हैं, तो कुछ लोग गंभीरता से सवाल उठा रहे हैं कि सरकारी संपत्ति की सुरक्षा करना किसकी जिम्मेदारी है। अगर जेडीयू के इन दावों में थोड़ी भी सच्चाई है, तो ये किसी भी बड़े नेता या उनके परिवार की छवि के लिए अच्छा संकेत नहीं है।
बिहार की ये 'कमोड और टोंटी वाली राजनीति' कहाँ जाकर रुकेगी, ये तो वक्त बताएगा। पर एक बात तय है कि नीरज कुमार ने लालू परिवार को घेरने के लिए एक ऐसा मुद्दा उछाल दिया है, जो काफी दिनों तक सोशल मीडिया और न्यूज़ चैनलों पर छाया रहेगा।