कश्मीर नहीं, अब बिहार की मिट्टी उगलेगी लाल सोना, वैज्ञानिकों ने केसर उगाने का ढूंढ लिया जादुई तरीका
News India Live, Digital Desk : जब भी हम 'केसर' का नाम सुनते हैं, तो दिमाग में सबसे पहले कश्मीर और वहां की ठंडक का ख्याल आता है। हमें यही सिखाया गया है कि केसर जैसी महंगी चीज़ सिर्फ बर्फीले इलाकों में ही उग सकती है। लेकिन, बिहार के वैज्ञानिकों ने इस सोच को पूरी तरह से बदल दिया है। जी हाँ, अब हमारे बिहार के किसान भी केसर की खेती (Saffron Cultivation) कर सकेंगे और अपनी किस्मत चमका पाएंगे।
बिहार के कृषि वैज्ञानिकों ने एक ऐसी नई तकनीक (New Technology) तैयार की है, जिसके जरिए यहाँ के तापमान में भी केसर उगाना मुमकिन हो गया है। सबसे अच्छी बात यह है कि इसके लिए आपको कई एकड़ ज़मीन की ज़रूरत नहीं है। वैज्ञानिक अब 'इंडोर कल्टीवेशन' यानी कमरे के अंदर केसर उगाने पर ज़ोर दे रहे हैं।
इसमें तकनीक का खेल कुछ ऐसा है कि एक बंद कमरे में केसर के अनुकूल मौसम बनाया जाता है। नमी और तापमान को कंट्रोल करके बिहार की उमस भरी गर्मी के बीच भी केसर के पौधों को पनपने का मौका दिया जा रहा है। इसका फायदा यह होगा कि हमारे छोटे किसान, जिनके पास बहुत बड़ी जमीन नहीं है, वे भी अपने घर के एक छोटे से हिस्से में इसे शुरू कर सकते हैं।
केसर को दुनिया का सबसे महंगा मसाला माना जाता है, जिसे लोग 'लाल सोना' भी कहते हैं। बिहार में अगर इसकी शुरुआत होती है, तो यह किसानों की आर्थिक स्थिति के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है। फिलहाल वैज्ञानिक इसके ट्रायल को पूरी तरह सफल बनाने में जुटे हैं, ताकि इसे जल्द से जल्द आम किसानों तक पहुँचाया जा सके।
यह तकनीक न सिर्फ नई है, बल्कि भविष्य की खेती का एक आईना भी है। इससे यह तो साफ हो गया है कि अगर सही वैज्ञानिक तरीका अपनाया जाए, तो बिहार की धरती पर कुछ भी उगाना नामुमकिन नहीं है। अब बस वो दिन दूर नहीं जब बाजार में बिहार का बना हुआ शुद्ध केसर मिलने लगेगा।