जम गई बर्फ राजस्थान में सर्दी का ऐसा सितम कि स्कूलों में ताले लटक गए, घर से निकलना भी हुआ भारी
News India Live, Digital Desk : राजस्थान को भले ही हम रेतीले धोरों और चिलचिलाती धूप के लिए जानते हों, लेकिन फिलहाल यहां जो 'बर्फीला टॉर्चर' चल रहा है, उसने सबको हिलाकर रख दिया है। आलम यह है कि सुबह उठते ही ओस की बूंदें बर्फ की परत बनकर दिखाई दे रही हैं। खास तौर पर शेखावाटी और माउंट आबू जैसे इलाकों में तो पारा शून्य के नीचे या उसके करीब जा पहुंचा है।
अब स्कूल जाना नहीं होगा आफत
ऐसी हाड़ कंपा देने वाली सर्दी के बीच सबसे ज्यादा परेशान स्कूल जाने वाले बच्चे और उनके माता-पिता थे। छोटे बच्चों को कड़कड़ाती सुबह में स्कूल भेजना वाकई एक बड़ी चुनौती बन गया था। इसी को देखते हुए कई जिलों के जिला कलेक्टरों (Distric Collectors) ने स्कूलों की छुट्टियों को लेकर बड़े फैसले लिए हैं। कई शहरों में या तो छुट्टियां बढ़ा दी गई हैं या फिर स्कूलों के समय में बड़ा बदलाव किया गया है।
अब बच्चों को उस वक़्त स्कूल नहीं जाना पड़ेगा जब ठंडी हवाएं चेहरे पर सुई की तरह चुभती हैं। यह फैसला उन पैरेंट्स के लिए एक बड़ी राहत की खबर है, जो बच्चों के बीमार होने के डर से परेशान थे।
सीकर, चुरू और फतेहपुर का क्या है हाल?
अगर आप सीकर, चुरू या फतेहपुर की तरफ रहते हैं, तो आपने महसूस किया होगा कि पानी की टंकियों और पाइपों तक में पानी जमने की नौबत आ गई है। मौसम विभाग (IMD Rajasthan) की मानें तो उत्तर की ओर से आ रही बर्फीली हवाओं ने राजस्थान को एक 'कोल्ड चेंबर' बना दिया है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए 'ऑरेंज' और 'येलो' अलर्ट जारी किया है, जिसका मतलब है कि अभी ठंड से निजात मिलने वाली नहीं है।
अक्सर जनवरी के महीने में ऐसी स्थिति बनती है, लेकिन इस बार दिन में चलने वाली शीतलहर (Cold Wave) ने धूप का असर भी बेअसर कर दिया है। सरकार की ओर से दी गई गाइडलाइन में साफ कहा गया है कि प्राइवेट हो या सरकारी, सभी स्कूलों को इन नियमों का पालन करना होगा ताकि बच्चों के स्वास्थ्य के साथ कोई समझौता न हो।
थोड़ी सावधानी ज़रूरी है
बेशक छुट्टियां बढ़ गई हैं, लेकिन हमें भी अपने स्तर पर सावधान रहने की जरूरत है। गर्म तासीर वाली चीजों का सेवन करें और जितना हो सके गुनगुना पानी पीएं। यह ठंड न केवल सर्दी-जुकाम दे सकती है, बल्कि बुजुर्गों और सांस की तकलीफ वाले लोगों के लिए भी जोखिम भरी हो सकती है। तो बस, रजाई का साथ बनाए रखिये और जब तक बहुत ज़रूरी न हो, बाहर निकलने से परहेज़ कीजिये!