अब इन्एक्टिव पीएफ खाते पर भी होगी ब्याज़ की बारिश ,नौकरी छोड़ने वालों के लिए ईपीएफओ का बड़ा तोहफा
News India Live, Digital Desk : आमतौर पर जब हम किसी प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं, तो हमारी सैलरी का एक हिस्सा ईपीएफ (EPF) खाते में जमा होता है। यह हमारी रिटायरमेंट की जमा-पूंजी होती है। लेकिन सबसे ज्यादा उलझन तब होती है जब कोई व्यक्ति नौकरी छोड़ देता है या उसकी नौकरी किसी वजह से चली जाती है। ऐसे में दिमाग में पहला सवाल यही आता है "क्या अब मेरा पीएफ अकाउंट बेकार हो जाएगा?"
भ्रम और हकीकत
पहले एक डर बना रहता था कि अगर 3 साल (36 महीने) तक पीएफ खाते में कोई नया पैसा जमा नहीं हुआ, तो उस खाते को 'इन्एक्टिव' (Inactive) मान लिया जाएगा और उस पर ब्याज मिलना बंद हो जाएगा। लेकिन अब नियम बदल चुके हैं। ईपीएफओ के नए नियमों के मुताबिक, अगर आप नौकरी छोड़ चुके हैं और अपना पैसा नहीं निकाला है, तो भी आपके जमा पैसों पर ब्याज मिलना जारी रहेगा।
यानी आप कहीं काम कर रहे हों या न कर रहे हों, आपके पीएफ फंड पर सालान चक्रवृद्धि ब्याज (Compound Interest) बढ़ता रहेगा। यह उन लोगों के लिए एक बड़ी जीत है जो नौकरी छोड़कर अपना खुद का स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं या पढ़ाई के लिए कुछ समय का ब्रेक लेते हैं।
लेकिन यहाँ एक 'कैच' यानी छोटी सी शर्त है...
ब्याज तो आपको मिलता रहेगा, लेकिन यह सुविधा हमेशा के लिए नहीं है। ईपीएफओ ने साफ़ किया है कि ब्याज तब तक मिलेगा जब तक कि कर्मचारी 58 साल की उम्र (रिटायरमेंट की आयु) तक नहीं पहुँच जाता। एक बार जब आप 58 साल के हो जाते हैं, तब उस खाते को पूरी तरह 'इनऑपरेटिव' मान लिया जाता है और उसके बाद उस पर ब्याज नहीं जुड़ता।
पैसे न निकालने का क्या फायदा है?
देखा जाए तो ईपीएफ की ब्याज दर (जो फिलहाल करीब 8.25% के आसपास है) किसी भी सामान्य सेविंग बैंक अकाउंट से काफी बेहतर है। ऐसे में अगर आपको पैसों की बहुत ज्यादा मजबूरी न हो, तो नौकरी छूटने के बाद भी तुरंत पूरा पैसा निकालना समझदारी नहीं है। अगर वो पैसा खाते में पड़ा रहेगा, तो वह सुरक्षित भी है और बढ़ता भी रहेगा।
बस एक बात का ध्यान रखिये, अगर आप 5 साल की लगातार सर्विस से पहले पैसे निकालते हैं, तो उस पर टैक्स की मार पड़ सकती है। लेकिन नौकरी बदलने पर यूएएन (UAN) के ज़रिए पुराने पीएफ को नई कंपनी में ट्रांसफर कराना सबसे स्मार्ट मूव होता है।
खैर, सरकार के इस फैसले से इतना तो साफ है कि अब काम से मिले ब्रेक का असर आपकी पुरानी बचत की ग्रोथ पर नहीं पड़ेगा। आपकी गाढ़ी कमाई अब बिना काम किए भी आपके भविष्य को संवारती रहेगी।