एयरपोर्ट पर न होना पड़ जाए शर्मिंदा, विदेश जाने से पहले जान लें ट्रांजिट वीजा के ये नए नियम

Post

News India Live, Digital Desk : आजकल विदेश घूमना या पढ़ाई के लिए बाहर जाना बहुत आम हो गया है। अक्सर लोग सस्ती फ्लाइट के चक्कर में 'कनेक्टिंग फ्लाइट्स' (Connecting Flights) बुक कर लेते हैं, जहाँ आपको किसी दूसरे देश के एयरपोर्ट पर रुककर अपनी अगली फ्लाइट पकड़नी होती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस देश के एयरपोर्ट पर आप सिर्फ चंद घंटों के लिए रुक रहे हैं, वहां के नियम भी आपकी यात्रा को कैंसिल करा सकते हैं?

जी हाँ, ट्रांजिट वीजा (Transit Visa) के नियमों में हाल ही में कुछ ऐसे बदलाव हुए हैं जो हर भारतीय यात्री को जानना बहुत ज़रूरी है। अगर आप अमेरिका, कनाडा, यूरोप या खाड़ी देशों (Gulf Countries) के रास्ते यात्रा कर रहे हैं, तो अब आपको और भी ज्यादा सतर्क रहना होगा।

क्या होता है ट्रांजिट वीजा और क्या बदला है?
आसान शब्दों में कहें तो, ट्रांजिट वीजा वह अनुमति है जो आपको किसी दूसरे देश के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (International Airport) से गुज़रने के लिए लेनी पड़ती है। पहले कई देशों में यह नियम ढीला था और अगर आप एयरपोर्ट के बाहर नहीं जा रहे हैं, तो वीजा की ज़रूरत नहीं होती थी। लेकिन अब सुरक्षा और बढ़ते प्रवास (Immigration) के कारणों से कई देशों ने इसे अनिवार्य कर दिया है।

कई बार यात्री इस मुगालते में रहते हैं कि हमें एयरपोर्ट के बाहर तो जाना नहीं है, तो वीजा क्यों चाहिए? यही वो गलती है जहाँ एयरलाइन आपको बोर्डिंग पास देने से मना कर सकती है या फिर ट्रांजिट देश के अधिकारी आपको वहीं रोक सकते हैं। विशेष रूप से ब्रिटेन (UK) और कई शेंगेन देशों (Schengen countries) ने अब भारतीयों और अन्य नागरिकों के लिए नियम थोड़े सख्त कर दिए हैं।

अगली यात्रा से पहले क्या करें?
सबसे ज़रूरी बात यह है कि आप अपनी फ्लाइट टिकट बुक करने से पहले ट्रांजिट वीजा की आधिकारिक वेबसाइट या जिस देश से आप होकर जा रहे हैं, वहां की एम्बेसी की गाइडलाइन चेक करें। कई बार सिर्फ एक कनेक्टिंग फ्लाइट होने के बावजूद आपको पहले से ट्रांजिट वीजा आवेदन करना पड़ सकता है। इसमें कुछ दिन लग सकते हैं, इसलिए आखिरी मिनट का इंतज़ार करना बहुत भारी पड़ सकता है।

एक और अहम बात, अलग-अलग एयरलाइंस और टिकट बुकिंग वेबसाइट्स हमेशा इन बारीक नियमों को हाइलाइट नहीं करतीं। यह आपकी ज़िम्मेदारी है कि आप अपनी 'Layover' (हवाई अड्डे पर रुकने का समय) और उस देश की वीजा नीति को अच्छी तरह देख लें। एक छोटी सी लापरवाही आपकी हज़ारों-लाखों की टिकट और आपके वेकेशन का मजा किरकिरा कर सकती है।

तो, अगर आपका भी इस साल विदेश जाने का प्लान है, तो सिर्फ पासपोर्ट और मुख्य डेस्टिनेशन के वीजा पर ध्यान न दें, बीच के स्टॉप को भी उतनी ही तवज्जो दें!