जयपुर से खौफनाक खबर सांसों पर संकट आया तो गोद में लेकर भागे परिजन, एसएमएस ट्रौमा सेंटर की वो खौफनाक रात

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News India Live, Digital Desk : आधी रात का समय हो और अस्पताल के आईसीयू (ICU) जैसे संवेदनशील वार्ड में अचानक भगदड़ मच जाए। कुछ ऐसा ही नजारा जयपुर के सबसे बड़े अस्पताल एसएमएस (SMS) के ट्रौमा सेंटर में देखने को मिला। आधी रात को जब पूरी दुनिया सो रही थी, तब यहां भर्ती मरीजों और उनके परिजनों के लिए मानों 'कयामत' जैसी स्थिति पैदा हो गई।

क्या हुआ था उस रात?
बताया जा रहा है कि ट्रौमा सेंटर के आईसीयू में गैस पाइपलाइन या किसी तकनीकी समस्या के कारण अचानक अफरा-तफरी मच गई। कुछ लोग बताते हैं कि गैस लीकेज की आशंका (Liquid Oxygen Leakage) की वजह से वहां सांस लेना मुश्किल हो रहा था। जैसे ही इस बात की खबर फैली, अस्पताल प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। मरीजों की जान बचाने के लिए तुरंत आईसीयू खाली करने का फैसला लिया गया।

परिजनों का वो रोता हुआ चेहरा
सबसे दिल दहला देने वाला मंजर वो था जब वेंटिलेटर और ऑक्सीजन सपोर्ट पर मौजूद गंभीर मरीजों को शिफ्ट किया जाने लगा। बाहर कड़ाके की ठंड और अंदर मची यह आपा-धापी! जो लोग खुद चलने की हालत में नहीं थे, उनके परिजन उन्हें बेड समेत खींचते या गोद में उठाए इधर-उधर भाग रहे थे। रोते-बिलखते परिजन बस एक ही दुआ मांग रहे थे कि उनके अपने की सांस न उखड़ जाए।

डॉक्टर्स और नर्सिंग स्टाफ के लिए भी यह परीक्षा की घड़ी थी। अंधेरे और शोर-शराबे के बीच नाजुक मरीजों को दूसरे वार्ड में पहुंचाना कोई मामूली काम नहीं था। हालांकि, समय रहते सुरक्षा के इंतज़ाम किए गए और हड़बड़ी को शांत किया गया, लेकिन उन मरीजों और परिवारों का क्या? जो पहले से ही बीमारी से लड़ रहे थे और ऊपर से उन्हें इस मानसिक सदमे को झेलना पड़ा।

इस घटना ने एक बार फिर अस्पताल के मैनेजमेंट और पुरानी पड़ चुकी पाइपलाइनों के रखरखाव पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। जयपुर के इतने बड़े अस्पताल में अगर आधी रात को ऐसी चूक होती है, तो यह बड़ी लापरवाही की तरफ इशारा करता है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और जांच की जा रही है, लेकिन उस रात का डर अब भी कई आंखों में साफ़ देखा जा सकता है।