झारखंड निकाय चुनाव पर बड़ी अपडेट, सालों का इंतज़ार खत्म, राज्यपाल के फैसले ने तेज की चुनावी हलचल

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News India Live, Digital Desk : अगर आप अपने शहर के वार्ड पार्षद, मेयर या अध्यक्ष को चुनने का इंतज़ार कर रहे थे, तो आपके लिए राहत की बात यह है कि राज्यपाल (Governor) ने इन चुनावों को अपनी मंज़ूरी दे दी है। यह फैसला झारखंड की शहरी राजनीति के लिए एक टर्निंग पॉइंट साबित होने वाला है, क्योंकि करीब दो सालों से चुनाव न होने की वजह से कई काम अटके पड़े थे।

देखा जाए तो किसी भी शहर के लिए नगर निगम या नगरपालिका की सरकार वैसी ही है, जैसे हमारे घर का कोई बड़ा। उनके न होने से सड़क, नाली और सफाई जैसे रोजमर्रा के काम सिर्फ सरकारी अफसरों के भरोसे चल रहे थे, जहाँ आम जनता की आवाज कम ही सुनी जाती थी। लेकिन अब, राज्यपाल के हस्ताक्षर के बाद रास्ता साफ हो गया है कि जनता के प्रतिनिधि वापस लौटेंगे।

कैबिनेट से प्रस्ताव पास होने के बाद इसे राज्यपाल के पास भेजा गया था, और अब वहां से मंज़ूरी मिलने के बाद गेंद 'राज्य चुनाव आयोग' (State Election Commission) के पाले में है। अब उम्मीद यही है कि बहुत जल्द चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया जाएगा और आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी।

सिर्फ चुनाव होने की खुशी नहीं है, बल्कि राजनीति में सक्रिय उन युवाओं और स्थानीय नेताओं के लिए भी यह एक बड़ा मौका है, जो अपनी बारी का इंतज़ार कर रहे थे। अब वार्ड-वार्ड में बैठकों का दौर शुरू होगा, वादे होंगे और दावों का सिलसिला चलेगा।

खैर, इंतज़ार अब लगभग खत्म है। अब तैयारी शासन की नहीं, बल्कि उस चुनावी उत्सव की है जो शहर की गलियों से शुरू होकर निगम की कुर्सी तक पहुंचेगा। आप भी अपने मतदान के अधिकार के लिए तैयार रहिये, क्योंकि जल्द ही आपके दरवाजे पर भी कोई प्रत्याशी हाथ जोड़कर खड़ा नज़र आएगा!