PM Modi in Rajya Sabha : खड़गे जी को बैठे-बैठे भी नारे लगाने की अनुमति दी जाए विपक्ष के हंगामे पर पीएम मोदी का जबरदस्त पलटवार
News India Live, Digital Desk : राज्यसभा में आज उस समय हंसी के फव्वारे छूट पड़े जब प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष द्वारा की जा रही नारेबाजी को अपने भाषण का हिस्सा बना लिया। विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और अन्य विपक्षी सांसद जब सदन के बीचों-बीच (Well) आकर नारेबाजी कर रहे थे, तब पीएम ने उनकी 'ऊर्जा' पर कटाक्ष किया।
भाषण के मुख्य अंश (Key Highlights):
खड़गे जी पर तंज: विपक्षी सांसदों के शोर के बीच पीएम मोदी ने सभापति जगदीप धनखड़ से मुस्कुराते हुए कहाआदरणीय सभापति जी, मेरी आपसे विनती है कि खड़गे जी को बैठे-बैठे भी नारे लगाने की अनुमति दी जाए। उनकी उम्र का सम्मान करते हुए उन्हें इतनी छूट तो मिलनी ही चाहिए।"
"चुनौतियों को चुनौती देता हूँ": पीएम ने विपक्ष के शोर को नजरअंदाज करते हुए कहा कि जितना कीचड़ उछालोगे, कमल उतना ही खिलेगा। उन्होंने कहा कि देश देख रहा है कि अकेला मोदी कितनों पर भारी पड़ रहा है।
कांग्रेस पर हमला: पीएम ने कांग्रेस के पिछले दशकों के शासन की तुलना अपनी सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल से की। उन्होंने कहा कि हमने 'तुष्टिकरण' के बजाय 'संतृप्ति' (Saturation) का रास्ता चुना है, जहाँ योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक बिना किसी भेदभाव के पहुँच रहा है।
सदन की गरिमा: प्रधानमंत्री ने खेद जताया कि विपक्ष के पास तर्कों की कमी है, इसलिए वे केवल शोर मचाकर कार्यवाही को बाधित करने का प्रयास कर रहे हैं।
विपक्ष का रुख (Opposition's Stand)
नारेबाजी कर रहे सांसद बिहार चुनाव में कथित धांधली, महंगाई और जाति जनगणना जैसे मुद्दों पर सरकार से जवाब मांग रहे थे। मल्लिकार्जुन खड़गे ने बाद में पलटवार करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री सदन में सवालों का जवाब देने के बजाय "इवेंट मैनेजमेंट" और "मिमिक्री" (नकल) पर ज्यादा ध्यान देते हैं।
संसदीय मर्यादा और राजनीति
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि पीएम मोदी का यह बयान विपक्ष की आक्रामकता को कमतर दिखाने की एक सोची-समझी रणनीति थी। खड़गे जी पर उनके तंज ने सोशल मीडिया पर भी बहस छेड़ दी है, जहाँ समर्थकों ने इसे 'ह्यूमर' (Humor) बताया, वहीं विरोधियों ने इसे विपक्ष के नेता का अपमान करार दिया।