PM किसान की 22वीं किस्त: इस तारीख को आ सकते हैं खाते में ₹2000! पैसा अटके नहीं, इसके लिए आज ही कर लें ये 3 जरूरी काम
खेतों में दिन-रात पसीना बहाने वाले हमारे करोड़ों किसान भाइयों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना किसी वरदान से कम नहीं है। साल में तीन बार मिलने वाली ₹2000 की किस्त, बीज-खाद के समय पर एक बड़ा सहारा बनकर आती है।
21वीं किस्त तो ज्यादातर किसानों के खाते में पहुंच चुकी है, और अब सभी को बेसब्री से 22वीं किस्त का इंतजार है। आपके मन में भी कई सवाल होंगे - पैसा कब आएगा? मेरा नाम लिस्ट में है या नहीं? और किस्त अटक न जाए, इसके लिए क्या करें?
चिंता मत कीजिए, आज हम आपके इन्हीं सब सवालों के जवाब लेकर आए हैं।
तो आखिर 22वीं किस्त आएगी कब? (संभावित तारीख)
सरकार हर 4 महीने पर एक किस्त जारी करती है। पिछली किस्तों के हिसाब-किताब को देखें तो यह अनुमान लगाया जा रहा है कि 22वीं किस्त का पैसा फरवरी 2026 के आखिरी हफ्ते या मार्च 2026 की शुरुआत में आपके बैंक खातों में आ सकता है।
लेकिन ध्यान दें: सरकार ने अभी तक कोई पक्की तारीख नहीं बताई है। यह सिर्फ एक अनुमान है। जैसे ही सरकार तारीख का ऐलान करेगी, पैसा सीधा आपके खाते में पहुंच जाएगा।
चेतावनी! ये 3 गलतियां कीं, तो भूल जाइए अगली किस्त
अगर आप चाहते हैं कि आपकी 22वीं किस्त समय पर और बिना किसी रुकावट के आए, तो आज ही ये तीन चीजें जरूर चेक कर लें:
- e-KYC (सबसे जरूरी): सरकार ने अब इसे अनिवार्य कर दिया है। अगर आपकी e-KYC पूरी नहीं है, तो आपकी किस्त 100% रुक जाएगी। आप इसे खुद ऑनलाइन pmkisan.gov.in वेबसाइट पर जाकर या अपने नजदीकी CSC (जन सेवा केंद्र) पर जाकर आसानी से करवा सकते हैं।
- आधार-बैंक खाता लिंकिंग: यह पक्का कर लें कि आपका बैंक खाता आपके आधार कार्ड से लिंक है और चालू हालत में है।
- जमीन के कागज सही हों (Land Seeding): आपके नाम पर जो जमीन है, उसकी जानकारी सरकारी रिकॉर्ड में सही और अपडेटेड होनी चाहिए।
घर बैठे मोबाइल से कैसे चेक करें अपना नाम और स्टेटस?
आप खुद पता कर सकते हैं कि आपकी किस्त का क्या हाल है। यह बहुत आसान है:
- सरकार की वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाएं।
- होम पेज पर 'Beneficiary Status' (लाभार्थी की स्थिति) का एक ऑप्शन दिखेगा, उस पर क्लिक करें।
- अपना रजिस्ट्रेशन नंबर या मोबाइल नंबर डालें।
- 'Get Data' पर क्लिक करते ही आपकी सारी जानकारी, यानी पिछली किस्तों का हिसाब और अगली किस्त आएगी या नहीं, सब कुछ सामने आ जाएगा।
यह योजना क्यों है किसानों का 'सबसे बड़ा सहारा'?
यह योजना छोटे किसानों को सीधे आर्थिक मदद देकर उन्हें साहूकारों के कर्ज के जाल से बचाती है। साल में मिलने वाले ₹6000 उन्हें समय पर बीज-खाद खरीदने और खेती के छोटे-मोटे खर्चे पूरे करने में मदद करते हैं।
तो किसान भाइयों, अपनी जानकारी दुरुस्त रखें, किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और इस सरकारी मदद का पूरा-पूरा फायदा उठाएं!