PM Kisan Samman Nidhi : अगर आपकी किस्त भी अटकी है तो खुश हो जाइये, 15 जनवरी से शुरू हो रहा है सबसे बड़ा अभियान

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News India Live, Digital Desk : उत्तर प्रदेश के गांवों में इन दिनों चुनावी चर्चाएं धीरे-धीरे रफ़्तार पकड़ने लगी हैं। पंचायत चुनावों की आहट सुनाई दे रही है। और हम सब जानते हैं कि चुनाव का सबसे केंद्र बिंदु हमारा 'अन्नदाता' यानी किसान होता है। इसी माहौल के बीच, यूपी सरकार ने एक ऐसा कदम उठाया है जिससे लाखों किसानों के चेहरे खिल सकते हैं।

अगर आप या आपके परिवार में कोई किसान है और उनकी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM Kisan Samman Nidhi) की किस्त किसी वजह से रुकी हुई है, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है।

अधिकारियों को मिला अल्टीमेटम: 'कोई भी पात्र किसान छूटना नहीं चाहिए'

सरकार ने ठान लिया है कि चुनाव से पहले हर सही किसान तक योजना का पैसा पहुँचना चाहिए। इसके लिए मुख्य सचिव ने उत्तर प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों (DMs) को सख्त निर्देश जारी कर दिए हैं।

आदेश साफ़ है— एक विराट संतृप्तीकरण अभियान (Saturation Campaign) चलाया जाएगा। इसका मतलब आसान भाषा में यह है कि पूरे प्रदेश में एक बड़ा सर्वे और अभियान चलेगा ताकि उन किसानों को खोजा जा सके जो पात्र तो हैं, लेकिन कागज़ी दिक्कतों की वजह से योजना से वंचित हैं।

15 जनवरी से शुरू हो रहा है 'अभियान'

खबरों के मुताबिक, यह महाअभियान 15 जनवरी से 30 जनवरी तक पूरे उत्तर प्रदेश में जोर-शोर से चलाया जाएगा। अक्सर देखने में आता है कि कई किसान भाई ई-केवाईसी (e-KYC) न होने, आधार कार्ड बैंक से लिंक न होने (Aadhaar Seeding) या ज़मीन के सत्यापन (Land Verification) में कमी की वजह से 6000 रुपये सालाना से वंचित रह जाते हैं। वे बेचारे जनसेवा केंद्रों और तहसीलों के चक्कर काटते रहते हैं।

लेकिन अब आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। इस अभियान के तहत ग्राम प्रधान, लेखपाल, पंचायत सचिव और कोटेदार मिलकर घर-घर संपर्क करेंगे।

आपका काम घर बैठे होगा

डीएम को निर्देश दिए गए हैं कि वे हर गाँव में कैंप लगवाएं। यानी अब आपको दफ्तरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी, बल्कि अधिकारी खुद आपके गाँव आकर आपकी समस्याएं सुलझाएंगे। इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) के जरिए मौके पर ही बैंक खाता आधार से लिंक करने की सुविधा भी दी जाएगी।

इसका सियासी मतलब क्या है?

इसे आप राजनीति की नज़रों से भी देख सकते हैं। पंचायत चुनाव और आने वाले समय को देखते हुए सरकार चाहती है कि ग्रामीण वोट बैंक नाराज न हो। अगर किसानों के खाते में पैसा समय पर पहुँचता रहेगा, तो सरकार के प्रति भरोसा बना रहेगा।

मेरी सलाह (Tips for Farmers)

किसान भाइयों, अगर आपकी सम्मान निधि में कोई दिक्कत आ रही है, तो 15 तारीख से शुरू होने वाले इस मौके को हाथ से न जाने दें। अपने आधार कार्ड, खतौनी और बैंक पासबुक तैयार रखें। जब अधिकारी आपके गाँव आएं, तो अपना नाम लिस्ट में जरूर चेक करवाएं। यह मौका चूक गए, तो फिर चक्कर काटने पड़ सकते हैं!