Pawan Singh Divorce Case : पवन सिंह ने फिर मारी कोर्ट में पलटी पत्नी ज्योति सिंह के साथ काउंसलिंग में नहीं पहुँचे
News India Live, Digital Desk : भोजपुरी अभिनेता और गायक पवन सिंह और उनकी पत्नी ज्योति सिंह के बीच सुलह की कोशिशों को एक बार फिर झटका लगा है। आरा के पारिवारिक न्यायालय (Family Court) ने दोनों को आपसी विवाद सुलझाने के लिए एक और मौका दिया था, लेकिन पवन सिंह के कोर्ट न पहुँचने के कारण यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।
1. काउंसलिंग में क्यों नहीं पहुँचे पवन सिंह?
ज्योति सिंह की उपस्थिति: ज्योति सिंह समय पर कोर्ट पहुँच गईं और काफी देर तक पवन सिंह का इंतजार करती रहीं।
पवन सिंह का पक्ष: पवन सिंह के वकीलों ने कोर्ट को बताया कि अभिनेता अपनी फिल्म की शूटिंग और पूर्व-निर्धारित कार्य प्रतिबद्धताओं (Work Commitments) के कारण आरा नहीं आ सके।
कोर्ट का रुख: जज ने पवन सिंह की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताई है, क्योंकि सुलह की इस प्रक्रिया के लिए दोनों पक्षों का व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना अनिवार्य होता है।
2. सुलह या तलाक: अब तक का सफर
पवन सिंह और ज्योति सिंह के रिश्ते में उतार-चढ़ाव की कहानी काफी लंबी रही है:
विवाद की शुरुआत: ज्योति सिंह ने पवन सिंह पर प्रताड़ना और गर्भपात कराने जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए तलाक की अर्जी दाखिल की थी।
भरण-पोषण (Alimony): ज्योति सिंह ने पवन सिंह से प्रतिमाह गुजारा भत्ता और नोएडा में एक फ्लैट की मांग की थी।
अस्थायी सुलह: कुछ महीने पहले ऐसी खबरें आई थीं कि दोनों ने साथ रहने का फैसला कर लिया है और ज्योति सिंह पवन सिंह के घर वापस भी गई थीं, लेकिन हालिया कोर्ट कार्यवाही बताती है कि विवाद अभी पूरी तरह सुलझा नहीं है।
3. अब क्या होगी अगली कानूनी प्रक्रिया?
कानूनी जानकारों के अनुसार, पवन सिंह के बार-बार काउंसलिंग में न आने से उनके केस पर असर पड़ सकता है:
नई तारीख: कोर्ट ने पवन सिंह को एक और मौका देते हुए अगली तारीख तय की है। यदि वे अगली बार भी नहीं आते हैं, तो कोर्ट सुलह की प्रक्रिया को समाप्त कर सीधे 'मैरिट' (Merit) के आधार पर केस की सुनवाई शुरू कर सकता है।
एकतरफा फैसला: यदि पवन सिंह सहयोग नहीं करते हैं, तो कोर्ट ज्योति सिंह के पक्ष में एकतरफा (Ex-parte) गुजारा भत्ता तय कर सकता है।