पप्पू यादव की जमानत से पहले फिर बम की धमकी पटना कोर्ट परिसर खाली, 5 दिन में तीसरी बार दहशत
News India Live, Digital Desk: बिहार की राजधानी एक बार फिर सुरक्षा के घेरे में है। गुरुवार सुबह पटना सिविल कोर्ट के रजिस्ट्रार के फोन पर एक अज्ञात व्यक्ति ने कॉल कर पूरी कोर्ट बिल्डिंग को बम से उड़ाने की धमकी दी। इस घटना के बाद न्यायिक कार्यों पर ब्रेक लग गया है और पूरे परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
1. घटना का विवरण (The Incident)
धमकी का समय: गुरुवार, 12 फरवरी की सुबह।
धमकी का जरिया: रजिस्ट्रार को आए फोन कॉल और ईमेल के जरिए।
चेतावनी: कॉल करने वाले ने चेतावनी दी कि इस बार पूरी इमारत को नष्ट कर दिया जाएगा। इससे पहले बुधवार (11 फरवरी) को भी '1 बजे 5 धमाके' की ईमेल धमकी मिली थी।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया: पीरबहोर थाने की पुलिस, बम निरोधक दस्ता (BDDS) और डॉग स्क्वाड ने तुरंत मौके पर पहुँचकर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। कोर्ट के तीनों मुख्य द्वारों को सील कर दिया गया है।
2. पप्पू यादव की जमानत याचिका पर असर (Impact on Pappu Yadav's Case)
धमकी का सीधा असर न्यायिक प्रक्रिया पर पड़ा है:
सुनवाई टली: निर्दलीय सांसद पप्पू यादव की जमानत याचिका पर आज सुनवाई होनी थी। सरकारी काम में बाधा डालने और 2017 के एक पुराने मामले में उनकी पेशी प्रस्तावित थी।
लगातार देरी: सोमवार (9 फरवरी) और बुधवार (11 फरवरी) को भी बम की धमकियों के कारण उनकी सुनवाई नहीं हो सकी थी। उनके समर्थकों और वकीलों ने इसे उनकी पेशी रोकने की एक 'साजिश' करार दिया है।
जेल में रहेंगे सांसद: धमकियों के चलते अदालती कार्यवाही स्थगित होने के कारण पप्पू यादव को फिलहाल बेऊर जेल में ही रहना होगा।
3. वकीलों का गुस्सा और सुरक्षा पर सवाल
बार-बार मिल रही धमकियों से वकीलों में भारी रोष है:
विरोध प्रदर्शन: वकीलों ने कोर्ट गेट पर धरना दिया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। उनका कहना है कि अगर कोर्ट परिसर ही सुरक्षित नहीं है, तो आम आदमी का क्या होगा?
सुरक्षा चूक: वकीलों ने स्थायी सुरक्षा समाधान और सीसीटीवी कैमरों की सक्रिय निगरानी की मांग की है।
अब तक की जांच (Current Status)
सर्च ऑपरेशन: दोपहर तक की जांच में अब तक कोई भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक बरामद नहीं हुआ है। पुलिस इसे 'होक्स' (अफवाह) मान रही है, लेकिन कोई जोखिम नहीं लेना चाहती।
डिजिटल सुराग: साइबर सेल ईमेल के आईपी एड्रेस (IP Address) और कॉल लोकेशन को ट्रैक करने की कोशिश कर रही है। पिछले धमकियों में 'कनिमोझी' और 'पाकिस्तानी आईएसआई' जैसे शब्दों का जिक्र किया गया था।