Panchang 21 February 2026 : आज शनिवार को है विनायक चतुर्थी, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और चंद्रमा की स्थिति
News India Live, Digital Desk: हिंदू कैलेंडर के अनुसार, आज यानी 21 फरवरी 2026 का दिन बेहद खास है। आज माघ मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि है, जिसे विनायक चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है। शनिवार का दिन होने के कारण आज शनि देव और भगवान गणेश की संयुक्त कृपा पाने का उत्तम योग बन रहा है।
यहाँ आज के पंचांग के मुख्य घटक दिए गए हैं, जो आपके कार्यों की सफलता के लिए जरूरी हैं:
आज का पंचांग विवरण (21 फरवरी 2026)
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| वार | शनिवार (Saturday) |
| तिथि | माघ, शुक्ल पक्ष, चतुर्थी (दोपहर 12:44 तक, फिर पंचमी) |
| नक्षत्र | रेवती (रात 09:12 तक, फिर अश्विनी) |
| योग | शुभ (शाम 05:22 तक, फिर शुक्ल) |
| करण | विष्टि (दोपहर 12:44 तक, फिर बव) |
| चंद्र राशि | मीन (रात 09:12 तक, फिर मेष) |
| सूर्य राशि | कुंभ |
शुभ मुहूर्त (Auspicious Timing)
आज के दिन यदि आप कोई नया काम शुरू करना चाहते हैं, तो इन समयों का ध्यान रखें:
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:12 से दोपहर 12:57 तक (यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है)।
अमृत काल: शाम 06:42 से रात 08:26 तक।
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:28 से दोपहर 03:13 तक।
अशुभ समय (राहुकाल और वर्ज्य)
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, राहुकाल के दौरान शुभ कार्यों की शुरुआत से बचना चाहिए:
राहुकाल: सुबह 09:44 से सुबह 11:10 तक।
गुलिक काल: सुबह 06:53 से सुबह 08:19 तक।
यमगण्ड: दोपहर 01:51 से दोपहर 03:22 तक।
पंचक: आज पूरे दिन पंचक रहेगा (रात 09:12 पर रेवती नक्षत्र समाप्त होने के साथ पंचक भी समाप्त होगा)।
आज का विशेष महत्व: विनायक चतुर्थी
आज विनायक चतुर्थी का व्रत रखा जाएगा। भगवान गणेश की पूजा के लिए दोपहर का समय (मध्याह्न काल) श्रेष्ठ होता है।
पूजा विधि: आज गणेश जी को लाल फूल और 21 दूर्वा अर्पित करें। 'ॐ गं गणपतये नमः' मंत्र का जाप करने से कार्यों में आ रही बाधाएं दूर होती हैं।
शनि दोष निवारण: शनिवार होने के कारण, पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना और शनि चालीसा का पाठ करना शुभ फलदायी रहेगा।
सूर्योदय और चंद्रोदय का समय
सूर्योदय: सुबह 06:53 बजे।
सूर्यास्त: शाम 06:15 बजे।
चंद्रोदय: सुबह 09:32 बजे।
चंद्रास्त: रात 10:24 बजे।