T20 World Cup 2026 : ये 3 खिलाड़ी तय करेंगे भारत की जीत की किस्मत जानें क्यों हैं इतने खास

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News India Live, Digital Desk : जैसे-जैसे टी-20 वर्ल्ड कप अपने निर्णायक मोड़ (सुपर-8) पर पहुँच रहा है, टीम इंडिया की रणनीति इन तीन धुरंधरों के इर्द-गिर्द घूमती नजर आ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अभिषेक शर्मा जैसे युवा सलामी बल्लेबाज के खराब फॉर्म और स्पिन के खिलाफ टीम के संघर्ष को देखते हुए इन तीनों का प्रदर्शन 'करो या मरो' जैसा होगा।

1. ईशान किशन (Ishan Kishan): 'विस्फोटक शुरुआत की जिम्मेदारी'

ईशान किशन ने दो साल के लंबे अंतराल के बाद टीम में वापसी की है और वह इस समय बेहतरीन लय में हैं।

क्यों हैं खास: अभिषेक शर्मा के लगातार फ्लॉप होने के बाद, पावरप्ले में तेजी से रन बनाने का पूरा दारोमदार ईशान पर है। पाकिस्तान के खिलाफ उनकी 40 गेंदों में 77 रनों की पारी ने साबित कर दिया कि वह कठिन पिचों पर भी मैच का रुख बदल सकते हैं।

भूमिका: वह टीम के एकमात्र बल्लेबाज हैं जो वर्तमान में स्पिनर्स को सहजता से खेल रहे हैं।

2. सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav): 'मध्यक्रम की रीढ़'

भारतीय कप्तान न केवल टीम का नेतृत्व कर रहे हैं, बल्कि नंबर-4 पर टीम के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज भी हैं।

क्यों हैं खास: ग्रुप स्टेज में जब ऊपरी क्रम लड़खड़ाया, तब सूर्या ने यूएसए के खिलाफ 84 रनों* की कप्तानी पारी खेलकर टीम को संभाला।

भूमिका: स्पिन के खिलाफ 'क्रेजी शॉट्स' और मैच की स्थिति को समझने की उनकी कला उन्हें मिडिल ओवर्स का सबसे खतरनाक खिलाड़ी बनाती है।

3. जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah): 'डेथ ओवर्स के जादूगर'

बुमराह की मौजूदगी ही विपक्षी टीम के लिए मनोवैज्ञानिक दबाव पैदा कर देती है।

क्यों हैं खास: भले ही भारत की स्पिन गेंदबाजी (वरुण चक्रवर्ती और कुलदीप) मजबूत दिख रही हो, लेकिन संजय बांगर के अनुसार, "जब मैच फंसा होगा, तब बुमराह ही भारत के लिए जीत की चाबी होंगे।"

भूमिका: शुरुआती विकेट चटकाना और अंतिम ओवरों में रनों की गति पर अंकुश लगाना। उनकी सटीक यॉर्कर (जैसे नेट सेशन में ईशान किशन को लगी थी) उनकी खतरनाक फॉर्म का सबूत है।

विशेषज्ञों की राय (Expert Opinion)

पूर्व क्रिकेटर संजय बांगर ने JioStar के शो 'फॉलो द ब्लूज' में कहा:

“ईशान किशन, सूर्यकुमार यादव और जसप्रीत बुमराह—ये तीन खिलाड़ी वर्तमान में अपनी सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में हैं। सुपर-8 में दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज जैसी टीमों के खिलाफ, इन तीनों का 'मैच-रेडी' होना भारत को खिताब का प्रबल दावेदार बनाता है।”