Nitish Kumar's Pedestrian Policy 2026 : बिहार की सड़कों पर अब पैदल चलने वालों का होगा पहला हक सीएम ने जारी किए 5 बड़े निर्देश

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News India Live, Digital Desk : बढ़ती गाड़ियों की संख्या और सड़क दुर्घटनाओं के खतरे को देखते हुए, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने परिवहन विभाग को एक विशेष 'एक्शन प्लान' लागू करने का निर्देश दिया है। इसका उद्देश्य न केवल सड़क हादसों को कम करना है, बल्कि पैदल यात्रियों के लिए सुगम और सुरक्षित वातावरण तैयार करना भी है।

मुख्यमंत्री द्वारा जारी 5 मुख्य निर्देश (The 5-Point Directive)

क्रमनिर्देश/सुविधाविवरण
1फुटपाथ का निर्माणशहरी क्षेत्रों और विशेषकर भीड़-भाड़ वाले स्थानों को चिह्नित कर वहां जल्द से जल्द फुटपाथ (Footpaths) बनाए जाएंगे।
2जेब्रा क्रॉसिंग (Zebra Crossing)सड़कों पर सुरक्षित आवाजाही के लिए सभी प्रमुख पॉइंट्स पर जेब्रा क्रॉसिंग मार्क किए जाएंगे और इसे कड़ाई से लागू किया जाएगा।
3आधुनिक बुनियादी ढांचापैदल यात्रियों के लिए चिन्हित स्थानों पर फुट ओवरब्रिज (FOB), एस्केलेटर और अंडरपास बनाए जाएंगे ताकि उन्हें सड़क पार करने में आसानी हो।
4ड्राइवर ट्रेनिंग और संवेदनशीलतासभी सरकारी और निजी वाहन चालकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे पैदल चलने वालों के अधिकारों के प्रति संवेदनशील बनें।
5ब्लैक स्पॉट और CCTVग्रामीण और शहरी इलाकों में दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (Black Spots) को चिह्नित कर वहां फुटपाथ और CCTV कैमरे लगाए जाएंगे ताकि दुर्घटनाओं का सटीक आकलन हो सके।

क्यों लिया गया यह फैसला?

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया (X) पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि:

बढ़ती आय और वाहन: बिहार के लोगों की आय बढ़ रही है, जिससे सड़कों पर दोपहिया और चार पहिया वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ी है।

पैदल यात्रियों का जोखिम: वाहनों की भीड़ से सबसे ज्यादा खतरा पैदल चलने वालों को होता है। उनके लिए सड़क सुरक्षा के मानकों का पालन करना अब सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मानवीय दृष्टिकोण: "हमने पूरे बिहार को अपना परिवार माना है और सबके मान-सम्मान का पूरा ख्याल रखा है," सीएम नीतीश ने अपनी पोस्ट में लिखा।

अगला कदम: क्रियान्वयन की तैयारी

परिवहन विभाग को निर्देश दिया गया है कि वे सभी जिलों के जिला परिवहन अधिकारियों (DTO) से रिपोर्ट मांगें और जहां भी पैदल यात्रियों को असुविधा हो रही है, वहां तुरंत कार्य शुरू करें। यह योजना सात निश्चय-3 के पांचवें संकल्प 'सुलभ संपर्कता-आधुनिक विस्तार' का भी एक हिस्सा है।