UK के AI मंत्री कनिष्क नारायण पहुंचे मुजफ्फरपुर 23 साल बाद पैतृक गांव वापसी, नीतीश सरकार के विकास को सराहा

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News India Live, Digital Desk: बिहार की मिट्टी का गौरव अब सात समंदर पार ब्रिटेन की सरकार में चमक रहा है। मुजफ्फरपुर के कांटी (सदातपुर) में जन्मे और ब्रिटेन के पहले भारतीय मूल के AI मंत्री बने कनिष्क नारायण ने हाल ही में बिहार का दौरा किया। अपनी इस भावनात्मक यात्रा के दौरान उन्होंने न केवल अपने बचपन की यादें ताजा कीं, बल्कि बिहार के बदलते स्वरूप की भी जमकर प्रशंसा की।

1. जड़ों की ओर वापसी (Emotional Home Coming)

कनिष्क नारायण का जन्म मुजफ्फरपुर में हुआ था, लेकिन उनके माता-पिता (संतोष कुमार और चेतना सिन्हा) दिल्ली और फिर वेल्स (UK) चले गए थे।

गांव का दौरा: 23 साल बाद अपने पैतृक निवास पहुँचने पर कनिष्क का स्वागत पारंपरिक तरीके से किया गया। उन्होंने अपने पुराने घर और उन गलियों का दौरा किया जहाँ उनका बचपन बीता था।

बयान: कनिष्क ने कहा, "23 साल पहले के बिहार और आज के बिहार में जमीन-आसमान का अंतर है। सड़कों का जाल और बिजली की उपलब्धता देखकर सुखद आश्चर्य होता है।"

2. नीतीश सरकार के विकास कार्यों की तारीफ

कनिष्क नारायण ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में हुए सुधारों, विशेषकर महिला सशक्तिकरण और शिक्षा के क्षेत्र में हुए कार्यों को सराहा।

कनेक्टिविटी: उन्होंने सड़क संपर्क और ग्रामीण बुनियादी ढांचे में आए बदलाव को आधुनिक विकास का आधार बताया।

भविष्य की उम्मीद: उन्होंने उम्मीद जताई कि बिहार अब 'ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था' (Knowledge Economy) बनने की दिशा में तेजी से बढ़ सकता है।

3. बिहार में AI और टेक्नोलॉजी की संभावनाएं

एक AI मंत्री के रूप में, कनिष्क ने बिहार के युवाओं और तकनीकी विकास पर चर्चा की:

यूके-बिहार सहयोग: उन्होंने संकेत दिया कि भविष्य में ब्रिटेन और बिहार के बीच शिक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में सहयोग की अपार संभावनाएं हैं।

युवाओं को संदेश: कनिष्क ने कहा कि बिहार के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, बस उन्हें सही प्लेटफॉर्म और तकनीक से जोड़ने की जरूरत है।

कनिष्क नारायण: एक संक्षिप्त परिचय

जानकारीविवरण
जन्म स्थानमुजफ्फरपुर, बिहार (भारत)
पदब्रिटेन के AI और डिजिटल गवर्नेंस मंत्री (लेबर पार्टी)
शिक्षाऑक्सफोर्ड और स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी
खास बातब्रिटेन की सरकार में AI जैसे महत्वपूर्ण विभाग को संभालने वाले पहले बिहारी मूल के व्यक्ति।