सुपर-8 से पहले टीम इंडिया को चेतावनी इस एक विभाग में सुधार नहीं किया, तो भारी पड़ेगा हर एक ड्रॉप कैच
News India Live, Digital Desk: ग्रुप स्टेज में अमेरिका, नामीबिया, पाकिस्तान और नीदरलैंड को हराने के बाद भारत ने सुपर-8 में जगह तो बना ली है, लेकिन खेल के एक पहलू ने विशेषज्ञों को चिंतित कर दिया है। संजय बांगर के अनुसार, टीम इंडिया ने ग्रुप स्टेज के दौरान कुछ महत्वपूर्ण मौके गंवाए हैं जो बड़े मैचों में हार का कारण बन सकते हैं।
1. 'कैचिंग' में सुधार की सख्त जरूरत
संजय बांगर ने JioStar के शो 'Follow the Blues' में बात करते हुए कहा कि अगर भारत को वर्ल्ड चैंपियन बनना है, तो उन्हें अपनी फील्डिंग, खासकर कैचिंग पर ध्यान देना होगा।
गंवाए गए मौके: पाकिस्तान और नीदरलैंड के खिलाफ मैचों में भारतीय फील्डर्स ने कई कैच टपकाए।
बांगर का बयान: "अगर कोई एक विभाग है जहाँ टीम सुधार करना चाहेगी, तो वह 'कैचिंग' है। हमने देखा कि पाकिस्तान और नीदरलैंड के खिलाफ कुछ मौके हाथ से निकल गए। सुपर-8 में विपक्षी टीमें (जैसे दक्षिण अफ्रीका) इन गलतियों का पूरा फायदा उठाएंगी।"
2. 'Slightly Under Par' क्यों है टीम इंडिया?
भले ही भारत ने अपने सभी मैच जीते हैं, लेकिन बांगर का मानना है कि टीम ने अभी तक अपना 'सर्वश्रेष्ठ' (Best) खेल नहीं दिखाया है।
दबदबे की कमी: भारत ने विरोधियों को 'बुलडोज' (पूरी तरह ध्वस्त) नहीं किया है, बल्कि मैच थोड़े फंसे हुए रहे हैं।
स्पिन के खिलाफ संघर्ष: मिडिल ओवर्स में भारतीय बल्लेबाज स्पिनर्स के खिलाफ रन बनाने के लिए संघर्ष करते दिखे हैं, जो सुपर-8 की धीमी पिचों पर चिंता का विषय है।
बाकी विभागों का हाल: 'बेस्ट आना अभी बाकी है'
बांगर ने सकारात्मक पहलू पर भी बात की:
मैच-रेडी स्क्वाड: अच्छी बात यह है कि ग्रुप स्टेज में लगभग सभी 15 खिलाड़ियों को प्लेइंग-XI में मौका मिला है, जिससे वे किसी भी चोट की स्थिति में तैयार हैं।
फॉर्म में वापसी: ईशान किशन की आक्रामक बल्लेबाजी और जसप्रीत बुमराह की किफायती गेंदबाजी भारत के लिए सबसे बड़े प्लस पॉइंट्स हैं।
सुपर-8 का पहला इम्तिहान
भारत अपना सुपर-8 का पहला मुकाबला 22 फरवरी को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेलेगा। इसके बाद टीम चेन्नई में जिम्बाब्वे और कोलकाता में वेस्टइंडीज से भिड़ेगी।