Numerology Gemstones : अपनी जन्म तारीख से जानें कौन सा रत्न चमका सकता है आपकी किस्मत
News India Live, Digital Desk : रत्न शास्त्र और अंक ज्योतिष का गहरा संबंध है। जिस तरह ज्योतिष में राशियों के अनुसार रत्न धारण किए जाते हैं, उसी तरह मूलांक (Mulank) के आधार पर रत्न पहनना भी अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है। सही रत्न धारण करने से न केवल करियर और व्यापार में तरक्की मिलती है, बल्कि मानसिक शांति और स्वास्थ्य में भी सुधार होता है।
अंक ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार, आपके जन्म की तारीख (1 से 9 मूलांक) के अनुसार यहाँ भाग्यशाली रत्नों की सूची दी गई है:
मूलांक के अनुसार चुनें अपना भाग्यशाली रत्न
| मूलांक (जन्म तारीख) | स्वामी ग्रह | भाग्यशाली रत्न | लाभ |
|---|---|---|---|
| 1, 10, 19, 28 | सूर्य | माणिक्य (Ruby) | आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता में वृद्धि। |
| 2, 11, 20, 29 | चंद्रमा | मोती (Pearl) | मानसिक शांति और भावनात्मक स्थिरता। |
| 3, 12, 21, 30 | बृहस्पति | पुखराज (Yellow Sapphire) | ज्ञान, धन और वैवाहिक सुख में वृद्धि। |
| 4, 13, 22, 31 | राहु | गोमेद (Hessonite) | अचानक आने वाली बाधाओं से मुक्ति। |
| 5, 14, 23 | बुध | पन्ना (Emerald) | संवाद कला, बुद्धि और व्यापार में लाभ। |
| 6, 15, 24 | शुक्र | हीरा या ओपल (Diamond/Opal) | विलासिता, प्रेम और कलात्मक सफलता। |
| 7, 16, 25 | केतु | लहसुनिया (Cat’s Eye) | आध्यात्मिक उन्नति और नजर दोष से बचाव। |
| 8, 17, 26 | शनि | नीलम (Blue Sapphire) | शनि के कुप्रभावों से रक्षा और सफलता। |
| 9, 18, 27 | मंगल | मूंगा (Red Coral) | साहस, ऊर्जा और संपत्ति संबंधी लाभ। |
रत्न पहनते समय इन 3 बातों का रखें खास ध्यान
शुद्धता और वजन: रत्न हमेशा प्राकृतिक और लैब-प्रमाणित होना चाहिए। इसके वजन (रत्ती) का निर्धारण आपकी उम्र और वजन के आधार पर किसी विशेषज्ञ से करवाएं।
धातु का चुनाव: हर रत्न एक विशेष धातु में ही फल देता है। जैसे पुखराज सोने में और मोती चांदी में पहनना शुभ होता है।
धारण करने का दिन: मूलांक के अनुसार रत्न को उसके स्वामी ग्रह के दिन ही धारण करना चाहिए (जैसे मूलांक 1 के लिए रविवार)।
क्या बिना सलाह के रत्न पहनना खतरनाक है?
अंक ज्योतिष शास्त्र चेतावनी देता है कि गलत रत्न पहनने से विपरीत प्रभाव भी पड़ सकते हैं। उदाहरण के लिए, यदि मूलांक 1 वाले व्यक्ति ने बिना सोचे-समझे नीलम पहन लिया, तो यह सूर्य और शनि की शत्रुता के कारण नुकसानदेह हो सकता है। इसलिए रत्न धारण करने से पहले अपनी जन्म कुंडली का विश्लेषण जरूर करवाएं।