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April 14 2026 07:19 pm

बिहार में हथियार लाइसेंस के लिए अब नहीं कटेगा चक्कर गृह विभाग का DM-SP को कड़ा आदेश

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News India Live, Digital Desk: बिहार में शस्त्र लाइसेंस (Arms License) की चाहत रखने वालों और खास तौर पर निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने लाइसेंस प्रक्रिया में होने वाली लेति-लतीफी को खत्म करने के लिए सख्त रुख अख्तियार किया है। बिहार गृह विभाग ने सभी जिलाधिकारियों (DM) और वरीय पुलिस अधीक्षकों (SP) को स्पष्ट निर्देश दिया है कि शस्त्र लाइसेंस के आवेदनों का निस्तारण अब एक तय समय सीमा के भीतर करना होगा। नए नियमों के मुताबिक, आवेदन जमा होने के अधिकतम 60 दिनों के भीतर लाइसेंस की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

पुलिस रिपोर्ट के लिए 30 दिन का 'डेडलाइन', टालमटोल पर नपेगा थाना

लाइसेंस प्रक्रिया में सबसे ज्यादा समय पुलिस वेरिफिकेशन (Police Verification) में लगता है। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने थानों के लिए भी कड़े नियम बनाए हैं। गृह विभाग के आदेश के अनुसार, आवेदन प्राप्त होने के बाद संबंधित थाने को हर हाल में 30 दिनों के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट जिला मुख्यालय को सौंपनी होगी। यदि कोई थाना प्रभारी इसमें देरी करता है, तो उसे इसका ठोस कारण बताना होगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर गृह विभाग ने आयुध नियम, 2016 के प्रावधानों का कड़ाई से पालन करने को कहा है ताकि पारदर्शी व्यवस्था बनी रहे।

जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान, हर महीने देनी होगी रिपोर्ट

हाल के दिनों में बिहार में मुखिया और सरपंचों पर हुए हमलों को देखते हुए सरकार ने जनप्रतिनिधियों के आवेदनों को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विधानसभा में भी इसका भरोसा दिलाया था कि जनप्रतिनिधियों को सुरक्षा के लिए लाइसेंस जल्द दिए जाएंगे। अब सभी DM और SP को हर महीने की 7 तारीख तक गृह विभाग को अपनी मासिक प्रगति रिपोर्ट भेजनी होगी। इस रिपोर्ट में यह बताना होगा कि कितने आवेदन प्राप्त हुए, कितनों का निष्पादन हुआ और कितने लंबित हैं।

भ्रष्टाचार और दलालों पर कसेगा शिकंजा

तय समय सीमा निर्धारित होने से कलेक्ट्रेट और थानों में होने वाली दलाली पर लगाम लगने की उम्मीद है। अब तक एक लाइसेंस बनवाने में लोगों को महीनों और कई बार सालों इंतजार करना पड़ता था, जिससे भ्रष्टाचार की गुंजाइश बनी रहती थी। गृह विभाग के इस नए 'टाइम बाउंड' फॉर्मूले से न केवल आम जनता को सुविधा होगी, बल्कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए लाइसेंसिंग प्रक्रिया को भी सुव्यवस्थित किया जा सकेगा। विभाग ने चेतावनी दी है कि समय सीमा का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।