सड़क पर मनमानी अब पड़ेगी भारी 12 महीने में 5 चालान और गाड़ी चलाने पर लग सकता है परमानेंट बैन
News India Live, Digital Desk : आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अक्सर जल्दबाजी के चक्कर में रेड लाइट जंप कर देते हैं या फिर ओवरस्पीडिंग का शिकार हो जाते हैं। हमें लगता है कि ज्यादा से ज्यादा क्या होगा, एक चालान ही तो कटेगा! लेकिन रुकिए, सरकार अब इसी सोच को बदलने जा रही है। अब सिर्फ पैसा देकर पीछा नहीं छूटेगा, बल्कि आपकी ड्राइविंग सीट पर बैठने का हक भी छिना जा सकता है।
क्या है '5 गलतियों' वाला नया फॉर्मूला?
खबरों की मानें तो केंद्र सरकार एक सख्त पॉलिसी लाने जा रही है। इसके तहत अगर कोई भी ड्राइवर एक साल (यानी 12 महीने) के अंदर 5 बार गंभीर ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसे गाड़ी चलाने से रोका जा सकता है। सरकार का मकसद उन 'आदतन गुनहगारों' पर नकेल कसना है जो बार-बार नियम तोड़कर दूसरों की जान खतरे में डालते हैं।
किन गलतियों पर गिर सकती है गाज?
अब सवाल उठता है कि क्या हर छोटी गलती पर लाइसेंस जाएगा? नहीं, यह नियम खासतौर पर गंभीर अपराधों के लिए है, जैसे:
- तय सीमा से बहुत तेज गाड़ी चलाना (Over-speeding)।
- रेड लाइट जंप करना।
- गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल।
- नशे में गाड़ी चलाना (Drunk Driving)।
- गलत दिशा में या खतरनाक तरीके से ओवरटेक करना।
जुर्माना नहीं, सीधे लाइसेंस पर वार!
अभी तक होता यह था कि लोग ऑनलाइन चालान भरते थे और फिर से वही गलतियाँ दोहराते थे। लेकिन नए नियम के बाद डेटाबेस में आपका रिकॉर्ड ट्रैक किया जाएगा। जैसे ही आपके नाम पर एक साल के भीतर 5वां बड़ा चालान कटा, सिस्टम अलर्ट हो जाएगा और आपका ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड या कैंसिल किया जा सकता है।
आखिर सरकार ऐसा क्यों कर रही है?
देखा जाए तो भारत में सड़क हादसों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इनमें से ज्यादातर हादसे सिर्फ इसलिए होते हैं क्योंकि कोई न कोई नियम तोड़ रहा होता है। सरकार का मानना है कि जब लोगों के मन में लाइसेंस खोने का डर होगा, तभी वे सड़कों पर अनुशासन के साथ गाड़ी चलाएंगे।
कुल मिलाकर बात इतनी सी है कि अब सड़क पर आपका व्यवहार ही यह तय करेगा कि आप अगले साल गाड़ी चला पाएंगे या नहीं। तो बस, नियमों का पालन कीजिये और सुरक्षित रहिये!