देशभर में बिकने वाली 167 दवाइयां क्वालिटी में निकलीं खराब ,सरकार ने दवाओं को लेकर जारी किया बड़ा अलर्ट

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News India Live, Digital Desk: आजकल की भागदौड़ वाली लाइफ में छोटी-मोटी बीमारी होने पर हम तुरंत मेडिकल स्टोर जाते हैं और दवा ले आते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जो गोली आप खा रहे हैं, वो सच में असरदार है भी या नहीं? हाल ही में स्वास्थ्य मंत्रालय और भारत के ड्रग्स रेगुलेटर (CDSCO) ने एक ऐसी रिपोर्ट जारी की है जिसने सबको हैरान कर दिया है।

क्या है पूरा मामला?
दरअसल, केंद्र सरकार की संस्था CDSCO ने देशभर के अलग-अलग राज्यों से दवाओं के सैंपल इकट्ठे किए थे ताकि उनकी शुद्धता की जांच की जा सके। हैरानी की बात यह है कि इस टेस्ट में 167 दवाएं 'नॉट ऑफ स्टैंडर्ड क्वालिटी' (NSQ) पाई गई हैं। आसान भाषा में कहें तो ये दवाइयां क्वालिटी के मानकों पर खरी नहीं उतरीं। इसका मतलब है कि या तो इनमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री (Ingredients) सही मात्रा में नहीं है, या फिर इनका शरीर पर वह असर नहीं होगा जो होना चाहिए।

कौन-कौन सी दवाएं हुई हैं फेल?
सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, इस लिस्ट में ऐसी कई दवाइयां शामिल हैं जो हमारे घरों में अक्सर इस्तेमाल होती हैं। इनमें कैल्शियम की गोलियां, एंटीबायोटिक्स, दर्द निवारक दवाएं (Painkillers) और हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों के इलाज में काम आने वाली टैबलेट्स शामिल हैं। सरकार ने साफ कहा है कि ये दवाएं तय मानदंडों को पूरा करने में असफल रही हैं, जिससे मरीज़ की सेहत में सुधार होने के बजाय समस्या बढ़ भी सकती है।

क्वालिटी फेल होने का मतलब क्या है?
जब कोई दवा टेस्ट में फेल होती है, तो इसका मतलब हमेशा यह नहीं होता कि वह 'ज़हर' है। अक्सर इसका मतलब होता है कि दवा में वह 'पावर' नहीं है जिसकी डॉक्टर ने सलाह दी है। मिसाल के तौर पर, अगर आपको 500mg की ज़रूरत है और दवा सिर्फ 200mg जैसा काम कर रही है, तो आपका बुखार या इंफेक्शन ठीक नहीं होगा। साथ ही, लंबे समय तक ऐसी दवाइयां लेने से किडनी और लीवर पर भी बुरा असर पड़ सकता है।

अब आपको क्या करना चाहिए?

  1. वेबसाइट चेक करें: स्वास्थ्य मंत्रालय ने इन 167 दवाओं के बैच नंबर और नाम अपनी वेबसाइट पर डाल दिए हैं। आप भी देख सकते हैं कि कहीं आपके घर में रखा पुराना स्टॉक इसी खराब बैच का तो नहीं है।
  2. भरोसेमंद मेडिकल स्टोर से ही दवा लें: हमेशा पक्का बिल मांगें और प्रतिष्ठित दुकानों से ही खरीदारी करें।
  3. खुद डॉक्टर न बनें: अगर कोई दवा असर नहीं कर रही है, तो तुरंत अपने डॉक्टर से मिलें और उन्हें दवाओं की क्वालिटी के बारे में बताएं।

सरकार अब इन कंपनियों के खिलाफ सख्त एक्शन लेने की तैयारी में है। सेहत के साथ ऐसा समझौता वाकई चिंता की बात है, इसलिए सतर्क रहें और जागरूक बनें।