बिहार पुलिस के लिए नो रील, ओनली रीयल ड्यूटी DGP का नया फरमानथाने में मोबाइल देखा या दलाली की, तो खैर नहीं

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News India Live, Digital Desk: बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) आलोक राज ने राज्य की कानून-व्यवस्था को सुधारने और पुलिस की छवि जनता के बीच बेहतर बनाने के लिए एक बड़ा 'क्रैकडाउन' शुरू किया है। डीजीपी ने सभी जिलों के कप्तानों को निर्देश दिया है कि थानों में अनुशासनहीनता और काम के घंटों के दौरान लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर अब सीधे गाज गिरेगी।

DGP के 'कड़क' निर्देश: 4 बड़ी बातें

1. ड्यूटी पर 'रील्स' और सोशल मीडिया बैन

अक्सर देखा जाता है कि पुलिसकर्मी ड्यूटी के दौरान मोबाइल पर वीडियो देखते या रील्स बनाते नजर आते हैं। डीजीपी ने इसे अनुशासनहीनता माना है। अब ड्यूटी के घंटों में मोबाइल का उपयोग केवल सरकारी और जरूरी संचार के लिए ही किया जा सकेगा। मनोरंजन के लिए मोबाइल चलाने पर निलंबन तक की कार्रवाई हो सकती है।

2. दलालों की थाने में 'नो एंट्री'

थानों में एफआईआर लिखवाने या अन्य कामों के लिए सक्रिय 'बिचौलियों' और 'दलालों' पर डीजीपी ने कड़ा रुख अपनाया है। थानों के बाहर स्पष्ट चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे। यदि किसी थाने में दलाली की शिकायत मिली, तो संबंधित थानेदार (SHO) को सीधे जिम्मेदार ठहराया जाएगा।

3. रंगदारी और धौंस पर लगाम

डीजीपी ने स्पष्ट किया है कि वर्दी की धौंस दिखाकर आम जनता को परेशान करने वाले पुलिसकर्मियों को चिन्हित किया जा रहा है। आम लोगों के साथ व्यवहार में शालीनता और शिकायतों के निपटारे में पारदर्शिता लाना अनिवार्य कर दिया गया है।

4. 'बुलिंग' और गुंडागर्दी खत्म होगी

थानों में आने वाले फरियादियों के साथ ऊंची आवाज में बात करना या उन्हें डराना-धमकाना अब भारी पड़ेगा। डीजीपी ने निर्देश दिया है कि हर शिकायतकर्ता की बात गंभीरता से सुनी जाए और उसे रिसीविंग दी जाए।

क्यों पड़ी इस सख्ती की जरूरत?

हाल के दिनों में कई जिलों से ऐसी खबरें आई थीं जहाँ पुलिसकर्मी ड्यूटी के दौरान लापरवाही बरत रहे थे और थानों में दलालों का बोलबाला बढ़ गया था। बिहार पुलिस की गिरती साख को बचाने और 'स्मार्ट पुलिसिंग' की दिशा में यह कदम उठाया गया है।

थानों की होगी अचानक चेकिंग

डीजीपी आलोक राज ने कहा है कि वे स्वयं और मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी किसी भी समय, किसी भी थाने का औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) कर सकते हैं। इस दौरान यदि कोई पुलिसकर्मी रील देखते या दलालों के साथ बैठा पाया गया, तो उसकी सेवा पुस्तिका (Service Book) पर इसका काला धब्बा लगेगा।