नए साल का जश्न बना मातम! स्विट्जरलैंड के होटल में भीषण आग, 47 लोगों की दर्दनाक मौत, जानें कैसे चंद सेकंड में सब कुछ जलकर हुआ खाक

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जब पूरी दुनिया नए साल 2026 का जश्न मना रही थी, तब स्विट्जरलैंड के एक खूबसूरत स्की रिसॉर्ट में कुछ लोग मौत के मुंह में समा रहे थे। नए साल के पहले ही दिन, यहां के एक बार में लगी भीषण आग में मरने वालों की संख्या बढ़कर 47 हो गई है, और यह आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है।

यह दिल दहला देने वाली घटना स्विट्जरलैंड के मशहूर अल्पाइन रिसॉर्ट क्रांस-मोंटाना के 'Le Constellation' बार में हुई, जहां लोग नए साल की पार्टी के लिए इकट्ठा हुए थे।

पलक झपकते ही 'स्वर्ग' बन गया 'नर्क'! (कैसे लगी आग?)

जांच करने वाले अधिकारी अब तक जो सबसे बड़ी वजह बता रहे हैं, वह बेहद खौफनाक है। उनका मानना है कि आग 'फ्लैशओवर' (Flashover) नामक घटना के कारण इतनी तेजी से फैली कि किसी को भागने का मौका तक नहीं मिला।

यह 'फ्लैशओवर' आखिर होता क्या है?
इसे बिल्कुल आसान भाषा में समझिए।

  • जब किसी बंद कमरे में आग लगती है, तो जहरीली और गर्म गैसें धुएं के साथ ऊपर उठकर छत पर जमा होने लगती हैं।
  • यह गर्म गैसों की परत पूरे कमरे में फैल जाती है और तापमान को तेजी से बढ़ाती है, जैसे किसी प्रेशर कुकर में होता है।
  • जब तापमान एक खतरनाक स्तर (लगभग 600°C) पर पहुंच जाता है, तो उस कमरे में मौजूद हर एक चीज - चाहे वह कुर्सी हो, मेज हो, पर्दे हों या इंसान के कपड़े - एक साथ, एक ही पल में आग पकड़ लेती है।

फायर एक्सपर्ट्स का कहना है, "फ्लैशओवर का मतलब सिर्फ किसी एक चीज में आग लगना नहीं, बल्कि पूरे कमरे का एक साथ आग का गोला बन जाना है।" और शायद यही वजह है कि उस बार में मौजूद लोगों को संभलने या भागने का मौका तक नहीं मिला।

आतंकी हमला नहीं, एक भयानक हादसा
स्विस अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि यह कोई आतंकी हमला नहीं है, बल्कि एक भयानक हादसा है। रात भर बचाव कार्य चलता रहा, घायलों को निकालने के लिए कई एम्बुलेंस और हेलीकॉप्टर लगाए गए। फोरेंसिक टीमें अभी भी घटनास्थल की जांच कर रही हैं, ताकि आग लगने की असली वजह का पता चल सके।

यह घटना हम सबके लिए एक चेतावनी है कि जश्न के दौरान भी सुरक्षा को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, वरना एक छोटी सी लापरवाही भी कितनी बड़ी तबाही का कारण बन सकती है।