ठिठुरन के बीच नए साल का स्वागत बिहार में अगले 5 दिन भारी, मौसम विभाग ने बढ़ाई चिंता

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News India Live, Digital Desk : आज 31 दिसंबर 2025 है और हर कोई नए साल 2026 के जश्न की तैयारियों में जुटा है। लेकिन बिहार के लोगों के लिए मौसम विभाग से आई खबर थोड़ी 'ठंडी' है। साल की आखिरी शाम और आने वाले अगले 5 दिन पूरे प्रदेश पर भारी पड़ने वाले हैं। अगर आप भी कल सुबह घर से बाहर निकलने या पिकनिक पर जाने का प्लान बना रहे हैं, तो सावधान हो जाइए, क्योंकि कड़ाके की ठंड और घना कोहरा आपके रास्ते का कांटा बन सकता है।

5 दिनों तक सूरज के दर्शन होंगे दुर्लभ?

मौसम विभाग (IMD) ने साफ़ कर दिया है कि बिहार में अभी कनकनी से राहत मिलने वाली नहीं है। उत्तर-पछुआ हवाओं की रफ़्तार ने प्रदेश में ठिठुरन को चरम पर पहुँचा दिया है। बताया जा रहा है कि अगले पाँच दिनों तक बिहार के ज़्यादातर हिस्सों में 'कोल्ड डे' (Cold Day) जैसे हालात रहेंगे। इसका मतलब है कि दिन के तापमान में इतनी भारी गिरावट आएगी कि दोपहर में भी आपको सर्दी से राहत नहीं मिलेगी। सूरज निकलेगा भी, तो कोहरे की वजह से उसका ताप बेअसर महसूस होगा।

घने कोहरे ने थामी रफ्तार, यात्रा करने वाले सावधान!

बिहार के कई ज़िले फिलहाल सफेद चादर में लिपटे हुए हैं। विजिबिलिटी (दृश्यता) इतनी कम है कि हाईवे पर गाड़ियाँ रेंग रही हैं। सुबह और रात के वक्त कोहरा इतना घना होने की उम्मीद है कि हाथ को हाथ सुझाई नहीं देगा। अगर आप नए साल पर अपनी कार या बाइक से किसी दूर के ट्रिप पर जा रहे हैं, तो कोशिश करें कि सफर धूप खिलने के बाद ही शुरू करें। घने कोहरे की वजह से ट्रेनों और उड़ानों पर भी असर पड़ना तय माना जा रहा है।

पटना समेत इन ज़िलों में पारा और गिरेगा

राजधानी पटना के साथ-साथ मुजफ्फरपुर, गया, भागलपुर और पूर्णिया जैसे प्रमुख ज़िलों में न्यूनतम तापमान 7-8 डिग्री सेल्सियस के पास जा सकता है। बर्फीली हवाओं की वजह से घर के अंदर रहना भी मुश्किल होगा। स्कूलों की छुट्टियों और सरकारी दफ्तरों के समय में भी फेरबदल की सुगबुगाहट है। स्थानीय प्रशासन ने कई जगहों पर अलाव की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं ताकि ज़रूरतमंदों को थोड़ी राहत मिल सके।

सेहत पर पड़ सकती है भारी

सर्दियों का ये तेज़ वार बच्चों और बुजुर्गों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण होता है। डॉक्टर सलाह दे रहे हैं कि सिर और कानों को अच्छी तरह ढँककर रखें और रात के वक्त बाहर निकलने से परहेज करें। कोहरे के साथ-साथ हवा में प्रदूषण का स्तर भी बढ़ सकता है, इसलिए अस्थमा या सांस के मरीज़ों को मास्क का इस्तेमाल ज़रूर करना चाहिए।