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April 05 2026 01:57 pm

सम्राट चौधरी की रिवॉल्वर और नीतीश बाबू की गाय, बिहार के सत्ताधीशों की तिजोरी में आखिर है क्या?

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News India Live, Digital Desk : बिहार की राजनीति हमेशा से अपने अनोखे अंदाज़ के लिए जानी जाती है। यहाँ हर साल एक बहुत ही पारदर्शी काम होता है सत्ता की कुर्सी पर बैठे लोग यह बताते हैं कि उनकी जेब में कितने पैसे हैं और उनके पास कितनी जमीन-जायदाद है। साल 2026 की शुरुआत में जब ये आंकड़े बाहर आए, तो कुछ खबरें चर्चा का केंद्र बन गईं।

जब पत्नियां निकलीं आगे: अशोक चौधरी का मामला
अक्सर सुना जाता है कि 'हर कामयाब आदमी के पीछे एक औरत का हाथ होता है', लेकिन बिहार के कद्दावर मंत्री अशोक चौधरी के मामले में उनकी पत्नी आर्थिक रूप से भी उनके काफी आगे हैं। संपत्ति के ब्योरे के अनुसार, अशोक चौधरी की तुलना में उनकी पत्नी कहीं अधिक समृद्ध और करोड़ों की मालकिन हैं। उनके पास निवेश, जेवरात और जमीन का हिस्सा उनके पति से काफी ज्यादा है। राजनीति में भले ही अशोक चौधरी बड़े नाम हों, लेकिन घर की तिजोरी के मामले में उनकी पत्नी ही 'बॉस' हैं।

सम्राट चौधरी और 'हथियार' का शौक
बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पास वैसे तो बहुत कुछ है, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा उनके पास मौजूद हथियारों की हो रही है। जानकारी के अनुसार, उनके पास अपनी सुरक्षा या शौक के लिए हथियार (रिवॉल्वर/राइफल) मौजूद हैं। उनके हलफनामे में हथियारों के प्रति यह खास लगाव साफ़ नजर आता है। सिर्फ वे ही नहीं, बिहार के कई और नेता भी हैं जिन्हें लग्जरी गाड़ियों से ज्यादा अपने पास सुरक्षा के लिए बंदूक रखना पसंद है।

नीतीश कुमार: गाय और सादगी की चर्चा
वहीं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar Asset Declaration 2026) का ब्योरा एक बार फिर उनकी सादगी भरी छवि को दर्शाता है। जहाँ अन्य मंत्रियों के पास बड़ी-बड़ी कमर्शियल बिल्डिंग और करोड़ों का बैलेंस है, वहीं नीतीश बाबू की संपत्ति में खेती-बाड़ी, कुछ नकद राशि और उनके प्यारे जानवरों यानी गायों का जिक्र प्रमुखता से रहता है। सीएम को गायों की सेवा करना और उनके साथ वक्त बिताना बेहद पसंद है, और उनकी संपत्ति में यह बात झलकती है।

विजय सिन्हा और अन्य मंत्री
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा और मंत्री रामा निषाद के ब्योरों को देखें तो साफ़ होता है कि राजनीति के साथ-साथ इन नेताओं ने शेयर मार्केट और इंश्योरेंस में भी खूब निवेश किया हुआ है। अधिकतर मंत्रियों ने अपनी संपत्ति में खेती की जमीन को अपनी सबसे बड़ी ताकत बताया है।