BHU के लिए 8 करोड़ का न्यू ईयर गिफ्ट अब काशी में पर्यटन की पढ़ाई का बदलेगा अंदाज़
News India Live, Digital Desk : कहते हैं काशी की रग-रग में पर्यटन और अध्यात्म बसता है, लेकिन इसे वैश्विक स्तर (Global Standard) पर ले जाने के लिए आधुनिक तकनीक और बेहतर पढ़ाई की सख्त ज़रूरत होती है। इसी दिशा में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) को एक बहुत बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। यूनिवर्सिटी को यूरोप के प्रतिष्ठित 'Erasmus+' (इरास्मस प्लस) कार्यक्रम के तहत करीब 8 करोड़ रुपये की ग्रांट (Grant) मंजूर हुई है।
छात्रों को क्या मिलेगा इसका फायदा?
शायद आप सोच रहे हों कि एक ग्रांट मिलने से क्या बदल जाएगा? तो आसान शब्दों में कहें तो अब बीएचयू के पर्यटन प्रबंधन (Tourism Management) कोर्स का स्तर बहुत ऊँचा होने वाला है। इस पैसे का इस्तेमाल छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं, नई शिक्षण विधियों और आधुनिक मॉड्यूल्स के साथ जोड़ने में किया जाएगा। इसका सबसे बड़ा फायदा उन छात्रों को मिलेगा जो आने वाले समय में ट्रेवल और टूरिज्म के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं।
काशी बनेगा पर्यटन की पढ़ाई का नया केंद्र
बीएचयू हमेशा से शिक्षा का शिखर रहा है, लेकिन अब इस ग्रांट के बाद यह पर्यटन प्रबंधन के क्षेत्र में अन्य बड़ी यूनिवर्सिटीज़ को टक्कर दे पाएगा। इससे विश्वविद्यालय को अन्य विदेशी संस्थाओं के साथ जुड़कर रिसर्च (Research) और ट्रेनिंग करने का मौका मिलेगा। अब यहाँ के छात्र सिर्फ किताबें ही नहीं पढ़ेंगे, बल्कि वैश्विक स्तर की केस स्टडीज और कूटनीति भी सीखेंगे।
क्यों अहम है ये प्रोजेक्ट?
पर्यटन मंत्रालय और खुद विश्वविद्यालय की टीम भी इसे एक बड़ी जीत के रूप में देख रही है। आज के समय में जब वाराणसी में सैलानियों की तादाद करोड़ों में है, तब यहाँ ऐसे स्किल्ड युवाओं की ज़रूरत है जो इंटरनेशनल लेवल की पर्यटन व्यवस्था को समझते हों। 8 करोड़ का ये फंड इसी कमी को पूरा करेगा और यूनिवर्सिटी के इन्फ्रास्ट्रक्चर को एक नया आयाम देगा।