Nervous System : क्या आप भी Functional Freeze'के शिकार हैं? काम तो सब हो रहे हैं पर अंदर से सब थमा हुआ है, जानें इसके लक्षण

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News India Live, Digital Desk : आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अक्सर थकान महसूस करते हैं, लेकिन क्या कभी ऐसा हुआ है कि आप अपना सारा काम (ऑफिस, घर, पढ़ाई) समय पर कर रहे हैं, पर अंदर से आपको बिल्कुल खालीपन या 'सुन्न' महसूस हो रहा हो? मनोवैज्ञानिक इसे 'फंक्शनल फ्रीज' (Functional Freeze) का नाम दे रहे हैं। यह एक ऐसी स्थिति है जहां शरीर 'सर्वाइवल मोड' में चला जाता है।

क्या है फंक्शनल फ्रीज? (The Meaning)

आमतौर पर तनाव के प्रति हमारा शरीर तीन तरह से प्रतिक्रिया देता है: 'फाइट' (लड़ना), 'फ्लाइट' (भागना) या 'फ्रीज' (थम जाना)

'फंक्शनल फ्रीज' में व्यक्ति पूरी तरह अक्षम नहीं होता, बल्कि वह बाहर से बिल्कुल सामान्य दिखता है—वह काम पर जाता है, लोगों से बात करता है और जिम्मेदारियां पूरी करता है। लेकिन मानसिक तौर पर वह इतना अधिक तनाव में होता है कि वह भावनाओं को महसूस करना बंद कर देता है। इसे 'हाई-फंक्शनिंग एंग्जायटी' का एक गहरा स्तर भी कहा जा सकता है।

मुख्य लक्षण: कहीं आप भी इनमें से तो नहीं?

यदि आप निम्नलिखित स्थितियों का अनुभव कर रहे हैं, तो आप फंक्शनल फ्रीज मोड में हो सकते हैं:

भावनाओं का अभाव: न ज्यादा खुशी महसूस होना, न बहुत ज्यादा दुख। बस एक 'रोबोट' की तरह काम करना।

अत्यधिक थकान: रात भर सोने के बाद भी सुबह उठते ही थकान महसूस होना।

प्रोक्रास्टिनेशन (टालमटोल): छोटे-छोटे कामों को करने के लिए भी खुद को बहुत ज्यादा धक्का देना।

अकेलेपन की इच्छा: काम खत्म होते ही लोगों से कट जाना और घंटों फोन स्क्रॉल करना या टीवी देखना ताकि दिमाग सुन्न रहे।

याददाश्त में कमी: छोटी-छोटी बातें भूल जाना या फोकस न कर पाना।

क्यों होता है ऐसा?

इसका मुख्य कारण क्रोनिक स्ट्रेस (लगातार तनाव) है। जब हमारे नर्वस सिस्टम पर काम का दबाव, निजी समस्याएं या सोशल मीडिया का बोझ इतना बढ़ जाता है कि दिमाग उसे प्रोसेस नहीं कर पाता, तो वह 'बचाव' के लिए खुद को शटडाउन कर लेता है।

इससे बाहर निकलने के तरीके (Solutions)

ग्राउंडिंग एक्सरसाइज: जब आप फ्रीज महसूस करें, तो अपने आस-पास की 5 चीजें देखें, 4 चीजें छुएं, 3 आवाजें सुनें। यह आपको वर्तमान में वापस लाता है।

शारीरिक गतिविधि: जिम न जा सकें तो सिर्फ 10 मिनट की वॉक या स्ट्रेचिंग करें। शरीर की गति दिमाग के 'फ्रीज' मोड को तोड़ने में मदद करती है।

'ना' कहना सीखें: अपनी सीमाओं को पहचानें और अपनी क्षमता से ज्यादा काम का बोझ न लें।

डिजिटल डिटॉक्स: सोने से एक घंटा पहले फोन से दूरी बना लें।महत्वपूर्ण नोट: यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहे, तो इसे नजरअंदाज न करें। किसी मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ या थेरेपिस्ट से बात करना आपकी रिकवरी में बहुत मददगार हो सकता है।