राज्यसभा में गरमाया माहौल PM मोदी के संबोधन के बीच NCP सांसद फौजिया खान पर बरसे सभापति
News India Live, Digital Desk: संसद के बजट सत्र के दौरान राज्यसभा में उस वक्त तीखी नोकझोंक देखने को मिली जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सदन को संबोधित कर रहे थे। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देते हुए पीएम मोदी ने जब विपक्ष पर निशाना साधा, तो विपक्षी खेमे की ओर से भारी विरोध शुरू हो गया। इसी बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP-SP) की सांसद फौजिया खान के आचरण पर सभापति जगदीप धनखड़ ने कड़ी नाराजगी जताई।
1. सभापति की कड़ी फटकार: 'आचरण की मर्यादा' पर सवाल
प्रधानमंत्री के भाषण के दौरान जब विपक्षी सांसद लगातार नारेबाजी और टोका-टोकी कर रहे थे, तब सभापति ने फौजिया खान को नाम लेकर टोका। सभापति ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सदन के भीतर 'आचार संहिता' (Code of Conduct) का पालन करना अनिवार्य है। उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि एक वरिष्ठ सांसद से इस तरह के व्यवहार की अपेक्षा नहीं की जाती, जो सदन की गरिमा को ठेस पहुँचाता हो।
2. हिमंता बिस्वा सरमा के बयान पर हंगामा
सदन में चर्चा के दौरान असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के हालिया बयानों और 'कोड ऑफ कंडक्ट' का मुद्दा भी उठा। विपक्ष ने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष के नेता संवैधानिक मर्यादाओं का उल्लंघन कर रहे हैं। वहीं, सत्ता पक्ष की ओर से पीएम मोदी ने कड़ा जवाब देते हुए कहा कि उनकी सरकार केवल विकास और देशहित के एजेंडे पर काम कर रही है, जबकि विपक्ष केवल नकारात्मकता फैलाने में जुटा है।
3. पीएम मोदी का विपक्ष पर वार
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने बिना नाम लिए राहुल गांधी और विपक्षी गठबंधन पर कई कटाक्ष किए:
नकारात्मक राजनीति: पीएम ने कहा कि कुछ लोग हार स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं और सदन की कार्यवाही को बाधित करना ही उनका एकमात्र लक्ष्य बन गया है।
संविधान का सम्मान: प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार के लिए संविधान सर्वोपरि है और विपक्ष को लोकतंत्र का सम्मान करना सीखना चाहिए।
4. क्या है सांसदों के लिए 'आचार संहिता'?
संसद की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने के लिए कुछ नियम निर्धारित हैं:
सदस्य भाषण के दौरान बाधा नहीं डालेंगे।
सभापति के आदेशों का पालन करना अनिवार्य होगा।
सदन की गरिमा को कम करने वाले किसी भी कृत्य पर निलंबन तक की कार्रवाई हो सकती है।