मेघालय में माइन ब्लास्ट के बाद मातम कोयला खदान हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़ी, प्रशासन ने बचाव कार्य तेज किया
News India Live, Digital Desk : उत्तर-पूर्वी राज्य मेघालय से एक बेहद दुखद खबर सामने आ रही है। राज्य के कोयला खदान क्षेत्र में हुए एक भीषण विस्फोट (Blast) के बाद मची अफरा-तफरी के बीच मृतकों का आंकड़ा बढ़ गया है। ज़ी न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, इस हादसे ने एक बार फिर अवैध माइनिंग और सुरक्षा मानकों की कमी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
1. कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?
जानकारी के अनुसार, मेघालय के एक सुदूरवर्ती कोयला खदान इलाके में काम के दौरान अचानक एक जोरदार धमाका हुआ। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि खदान का एक बड़ा हिस्सा ढह गया, जिसकी चपेट में वहां मौजूद कई मजदूर आ गए। शुरुआती रिपोर्टों में कुछ लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी, लेकिन मलबे से और शव बरामद होने के बाद अब मृतकों की संख्या में इजाफा हो गया है।
2. रेस्क्यू ऑपरेशन और चुनौतियां
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं।
बचाव कार्य: NDRF और SDRF की टीमें लापता मजदूरों की तलाश में जुटी हैं।
मुश्किलें: दुर्गम पहाड़ी इलाका और खदान के भीतर जहरीली गैसों के रिसाव की आशंका बचाव कार्य में बड़ी बाधा बन रही है।
घायलों की स्थिति: मलबे से सुरक्षित निकाले गए कई मजदूरों की हालत गंभीर बनी हुई है, जिन्हें नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
3. रैट-होल माइनिंग और सुरक्षा पर सवाल
मेघालय में कोयला खदान हादसे पहले भी कई बार सुर्खियों में रहे हैं।
अवैध माइनिंग: कई बार प्रतिबंध के बावजूद 'रैट-होल' माइनिंग (Rat-hole mining) की खबरें आती रहती हैं, जहां सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं होते।
जांच के आदेश: राज्य सरकार ने इस घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रशासन यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि क्या यह खदान कानूनी तौर पर संचालित थी और विस्फोट के पीछे मुख्य कारण क्या था।