Best Investment Plan : बस 10,000 के निवेश से खड़े होंगे 11 करोड़ जानें इस सुपर हिट सरकारी स्कीम की पूरी डिटेल
News India Live, Digital Desk : हर माता-पिता का सपना होता है कि उनके बच्चे का भविष्य आर्थिक रूप से सुरक्षित और समृद्ध हो। अगर आप भी अपने बच्चे के लिए एक बड़ा फंड तैयार करना चाहते हैं, तो यह खबर आपके लिए है। निवेश की दुनिया में एक ऐसी स्कीम है जिसमें अगर आप आज से अपने बच्चे के नाम पर ₹10,000 प्रति माह का निवेश शुरू करते हैं, तो रिटायरमेंट की उम्र तक उसके पास ₹11 करोड़ से ज्यादा का विशाल फंड हो सकता है।
टाइम्स बुल की रिपोर्ट के अनुसार, यह जादुई आंकड़ा पाने के लिए आपको बस सही समय पर निवेश की शुरुआत (Early Investing) और कंपाउंडिंग (Compounding) की ताकत का इस्तेमाल करना होगा।
1. कहाँ करना होगा निवेश? (The Investment Strategy)
₹11 करोड़ का लक्ष्य हासिल करने के लिए सबसे भरोसेमंद माध्यम Mutual Fund SIP (सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) को माना गया है। लंबी अवधि के निवेश में म्यूचुअल फंड्स ने औसतन 12% से 15% तक का सालाना रिटर्न दिया है।
2. ₹10,000 से ₹11 करोड़ का गणित (The Calculation)
आइए समझते हैं कि यह 'करोड़पति फॉर्मूला' कैसे काम करता है:
महीने का निवेश: ₹10,000
अनुमानित सालाना रिटर्न: 15%
निवेश की अवधि: 35 से 40 साल (यदि बच्चे के नाम पर कम उम्र में शुरू किया जाए)
कुल फंड: यदि यह निवेश 35 साल तक लगातार चलता है, तो कंपाउंडिंग के जरिए यह राशि लगभग ₹11.4 करोड़ से अधिक हो जाती है।
3. 'Early Start' है असली चाबी
इस स्कीम का सबसे बड़ा फायदा तब मिलता है जब आप बच्चे के जन्म के कुछ समय बाद ही निवेश शुरू कर देते हैं।
कंपाउंडिंग की शक्ति: जैसे-जैसे समय बीतता है, आपके निवेश पर मिलने वाला ब्याज भी ब्याज कमाने लगता है।
समय का लाभ: यदि आप 5 साल की देरी करते हैं, तो वही ₹10,000 का निवेश मैच्योरिटी पर करोड़ों रुपये कम कर सकता है।
4. क्या यह सुरक्षित है?
म्यूचुअल फंड निवेश बाजार जोखिमों के अधीन होते हैं, लेकिन पिछले 20-30 सालों का डेटा बताता है कि 'इक्विटी म्यूचुअल फंड' ने महंगाई को मात देते हुए सबसे शानदार रिटर्न दिया है। विशेषज्ञों की सलाह है कि निवेशकों को 'डायवर्सिफाइड फंड' या 'इंडेक्स फंड' का चुनाव करना चाहिए।
कैसे शुरू करें निवेश?
KYC प्रक्रिया: बच्चे के नाम पर निवेश करने के लिए आपको गार्जियन के तौर पर अपना पैन कार्ड और बच्चे का बर्थ सर्टिफिकेट देना होगा।
ऑटो-डेबिट: बैंक अकाउंट से हर महीने एक निश्चित तारीख को राशि कटने के लिए ऑटो-डेबिट सेट करें।
अनुशासन: बाजार के उतार-चढ़ाव की चिंता किए बिना निवेश जारी रखें।