Kitchen Gardening: गमले में उगाएं बाजार जैसे बड़े और ताजे बैंगन, रोपाई के 60 दिन बाद ही मिलने लगेंगे फल; जानें आसान तरीका

Post

लाइफस्टाइल डेस्क। बैंगन का भर्ता हो या मसालेदार भाजी, भारतीय रसोइयों में बैंगन का अपना एक खास स्थान है। बाजार में बैंगन साल भर उपलब्ध रहते हैं, लेकिन जो स्वाद और शुद्धता घर के उगाए केमिकल फ्री (Chemical Free) बैंगन में होती है, वह बाजार में कहां! यदि आप भी अपनी छत या बालकनी पर ताजे बैंगन उगाना चाहते हैं, तो यह बहुत आसान है। सही तकनीक और थोड़ी सी देखभाल के साथ आप महज 2-3 महीनों में अपने घर की उगी सब्जी का आनंद ले सकते हैं। आइए जानते हैं बैंगन उगाने की पूरी प्रक्रिया।

मिट्टी तैयार करने का 'सीक्रेट' फॉर्मूला

बैंगन के पौधे के लिए मिट्टी का उपजाऊ और भुरभुरा होना बहुत जरूरी है।

सही मिश्रण: एक बेहतरीन पॉटिंग मिक्स बनाने के लिए 60% रेत, 20% मिट्टी और 20% गोबर की खाद को अच्छी तरह मिला लें।

विकल्प: यदि आपके पास रेत नहीं है, तो आप कोकोपीट (Cocopeat) और मिट्टी का मिश्रण भी इस्तेमाल कर सकते हैं। बेहतर पोषण के लिए आप इसमें वर्मीकम्पोस्ट या किचन वेस्ट से बनी खाद भी डाल सकते हैं।

बीजों की बुवाई और अंकुरण (Seed Sowing)

सबसे पहले एक गमले या पुरानी बाल्टी में तैयार मिट्टी भरें और उसमें अच्छी गुणवत्ता वाले बीज डालें।

प्रोसेस: बीजों को मिट्टी की एक पतली परत से ढक दें और स्प्रे बोतल की मदद से हल्का पानी दें।

सावधानी: गमले को ऐसी जगह रखें जहां सीधी धूप न आती हो (Semi-shade)। ध्यान रहे कि मिट्टी में नमी हो, लेकिन जलभराव न हो।

समय: आमतौर पर 7 से 10 दिनों में बीज अंकुरित होने लगते हैं।

पौधों की देखभाल और ट्रांसप्लांटिंग

जब पौधे थोड़े बड़े हो जाएं (लगभग 15 दिन बाद), तो उन्हें धूप में रखना शुरू करें।

ट्रांसप्लांट: बुवाई के करीब 30-35 दिन बाद जब पौधे थोड़े मजबूत हो जाएं, तो उन्हें बड़े गमलों में शिफ्ट कर दें। शिफ्ट करने के बाद एक हफ्ते तक उन्हें फिर से छाया में रखें और फिर धूप में निकालें।

पानी: मौसम के मिजाज को देखते हुए नियमित रूप से पानी देते रहें।

ऑर्गेनिक खाद: घर पर बनाएं लिक्विड फर्टिलाइजर

बैंगन के पौधों को फल देने के लिए अधिक पोषण की जरूरत होती है। आप घर पर ही बेहतरीन खाद तैयार कर सकते हैं:

विधि: केले के छिलके, सरसों की खली या नीम की खली को एक बोतल पानी में डालकर 15-20 दिनों के लिए छोड़ दें। इसके बाद इस पोषक पानी को पौधों की जड़ों में दें।

मिट्टी की गुड़ाई: महीने में एक-दो बार मिट्टी को ऊपर-नीचे करके उसमें खाद मिलाएं।

[Image showing a lush green Brinjal plant in a pot with purple fruits hanging, symbolizing successful organic home gardening]

कब मिलेंगे फल?

बैंगन की रोपाई के करीब 55 से 60 दिनों बाद उसमें फूल और छोटे फल आने शुरू हो जाते हैं। लगभग 3 महीने के भीतर आपको हार्वेस्टिंग के लिए बड़े और ताजे बैंगन मिल जाएंगे।